
फर्जी लोन बांटने पर बंद हुआ यह सरकारी बैंक, कहीं आपका पैसा भी तो नहीं फंसा
नई दिल्ली। देश के सरकारी बैंकों की हालत इस समय खराब चल रही है। अधिकांश बैंक लोन डिफाल्ट और एनपीए की समस्या से जूझ रहे हैं। वहीं लगातार बैंकों में धोखाधड़ी के मामले सामने आ रहे हैं। लगातार आ रही शिकायतों के बाद भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने भी सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। आरबीआई ने बैंकों से अपनी एनपीए राशि की जानकारी देने को कहा है। कई बैंकों ने आरबीआई को एनपीए राशि के बारे में जानकारी दे दी है, जबकि कई बैंक इससे कतरा रहे हैं। एनपीए की जानकारी नहीं देने वाले बैंकों को आरबीआई ने सख्त चेतावनी दी है। आरबीआई ने एनपीए की जानकारी नहीं देने वाले बैंकों को कार्रवाई का सामना करने को कहा है।
गड़बड़ी मिलने पर सख्त कार्रवाई करती है आरबीआई
आरबीआई को बैंकों का बैंक कहा जाता है। इसका मुख्य कार्य बैंकिंग सेक्टर संबंधी नीतियां बनाना, बैंकों की गतिविधियों पर नजर बनाए रखना है। इसी के तहत जब कोई बैंक गड़बड़ी करता है तो आरबीआई उस बैंक पर कार्रवाई करता है। यह नियम सभी बैंकों पर लागू होता है चाहे वह सरकारी बैंक हो या फिर प्राइवेट बैंक। अबकी बार आरबीआई ने जिस बैंक पर कार्रवाई की है वह एक सरकारी बैंक है। करीब 20 साल पुराने इस सरकारी बैंक पर फर्जी तरीके से लोन बांटने का आरोप है।
इस बैंक का निरस्त हुआ लाइसेंस
फर्जी लोन बांटने और रिकवरी में कोताही बरतने में आरबीआई ने जिस बैंक का लाइसेंस निरस्त किया है उसका नाम 'महिला अरबन बैंक' है। लाइसेंस निरस्त की कार्रवाई पूरी होने के बाद अब यह बैंक बंद हो चुका है। यह बैंक राजस्थान में संचालित होता था। एेसे में अगर आप राजस्थान के रहने वाले हैं और आपका इस सरकारी बैंक में खाता था तो आज ही इसके बारे में जानकारी कर लें। हालांकि, आपको परेशान होने की जरुरत नहीं है। यदि आपके महिला अरबन बैंक के खाते में रुपया जमा था तो आरबीआई आपके पैसों की भरपाई करेगा। हालांकि, यह भरपाई एक खाते में अधिकतम एक लाख रुपए तक ही होगी।
Updated on:
04 Sept 2018 11:11 am
Published on:
04 Sept 2018 11:04 am
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