रिटायरमेंट पर बोले पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग, कहा- वीआरएस के फैसले का तबादले से कोई संबंध नहीं

रिटायरमेंट पर बोले पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग, कहा- वीआरएस के फैसले का तबादले से कोई संबंध नहीं

Ashutosh Kumar Verma | Publish: Jul, 26 2019 07:16:08 PM (IST) | Updated: Jul, 26 2019 07:20:17 PM (IST) फाइनेंस

  • शुक्रवार को गर्ग ने कहा कि वीआरएस के तहत उनके सेवानिवृत्ति लेने के फैसले का तबादले से कोई संबंध नहीं है।
  • गर्ग को आगामी तीन महीने तक का नोटिस पीरियड देना होगा।

  • अक्टूबर 2020 में होते रिटायर।

नई दिल्ली। पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ( Subhash Chandra Garg ) ने शुक्रवार को कहा कि वीआरएस ( स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति स्कीम ) के तहत उनके सेवानिवृत्ति लेने के फैसले का तबादले से कोई संबंध नहीं है। मालूम हो कि इसी सप्ताह केंद्र सरकार द्वारा नौकरशाही में किए गए फेरबदल के दौरान गर्ग का तबादला ऊर्जा मंत्रालय के सचिव के तौर पर कर दिया गया है।

गर्ग ने कहा कि उन्होंने वीआरएस लेने संबंधी अपने फैसले से प्रधानमंत्री कार्यालय ( PMO ) को 18 जुलाई को ही अवगत करवा दिया था, जबकि उन्होंने औपचारिक आवेदन 24 जुलाई को किया। भारतीय प्रशासनिक सेवा ( IAS ) के 1983 बैच के राजस्थान कैडर के अधिकारी सुभाष चंद्र गर्ग का तबादला ऊर्जा मंत्रालय में होने से पहले वह वित्त सचिव के साथ-साथ आर्थिक मामलों के विभाग के भी सचिव थे।


तीन महीने का देना होता है नोटिस

आपको बता दें कि वित्त मंत्रालय के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हाल ही में सुभाष चंद्र गर्ग ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन किया है। सरकार के नियमों के अनुसार, अब उन्‍हें आगामी तीन महीने तक का नोटिस पीरियड देना होगा। कुछ मीडिया रिपोट्र्स में दावा किया गया था कि सुभाष अपने तबादले से नाखुश थे, जिसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया है। इसके साथ ही खबर आ रही थी कि अपने तबादले के कारण उन्होंने सरकार से समय से पहले रिटायरमेंट भी मांगा है।

अगले साल होते रिटायर

फिलहाल अभी तक ये पता नहीं चला है कि गर्ग ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) के लिए आवेदन कब दिया है। इसके साथ ही सरकार ने उस आवेदन पर क्या रिएक्शन दिया इसके बारे में भी किसी को कोई जानकारी नहीं है। बता दें कि अक्टूबर 2020 में 60 साल की उम्र पूरी करने के बाद गर्ग सेवानिवृत्त होते। गर्ग राजस्थान कैडर के 1983 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। इसके साथ ही गर्ग 2014 में विश्वबैंक के कार्यकारी निदेशक बनने के बाद चर्चा में आए थे।

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