Solar panel लगवाकर कम पैसों में मिलेगी 25 साल तक के लिए बिजली, जानिए कैसे

Highlights
- ऊर्जा स्रोत (Energy source) की संख्या में ही एक बेहतर स्रोत सोलर पैनल भी है
- आज के समय में सरकार का फोकस सोलर एनर्जी की तरफ है इसके बड़े फायदे हैं
- साथ में कमाई भी अच्छी है हो सकती हैं

 

By: Ruchi Sharma

Updated: 29 Jul 2020, 04:54 PM IST


नई दिल्ली. सोलर एनर्जी (solar panel) आजकल डिमांड में है। यह कमाई का अच्छा साधन भी है। आज के समय में विकसित राष्ट्र की श्रेणी में आने के लिए ऊर्जा (Energy) के पर्याप्त स्रोत उपलब्ध होने अति आवश्यक है। ऊर्जा स्रोत (Energy source) की संख्या में ही एक बेहतर स्रोत सोलर पैनल भी है। आज के समय में सरकार का फोकस सोलर एनर्जी की तरफ है इसके बड़े फायदे हैं। साथ में कमाई भी अच्छी है हो सकती हैं।

खास बात यह है कि सोलर पैनल को आप कहीं भी इंस्टॉल करा सकते हैं। बिजली की भारी-भरकम बिल की टेंशन भी खत्म हो सकती है। सोलर पैनल लगाने वालों को केंद्र सरकार (Central Government) का न्‍यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी मंत्रालय (Ministry of U & Renewable Energy) रूफटॉप सोलर प्‍लांट (Solar plant) पर 30 फीसदी सब्सिडी देता है। बिना सब्सिडी (subsidy) के रूफटॉप सोलर पैनल (solar panel) लगाने पर करीब 1 लाख रुपए का खर्च आता है।

सोलर पैनल के कई फायदे हैं। बढ़ती महंगाई के साछ बिजली भी लगातार महंगी हो रही है, इसका सीधा असर लोगों के घरेलू बजट पर पड़ रहा है। हालांकि, बिजली बिल को घटाना ज्यादा मुश्किल नहीं है. इसके लिए आपको अपने छत पर सोलर पैनल लगाना होगा। अगर आपके घर की छत पर अच्छी धूप आती है तो आप छत पर लगे सोलर पैनल का दो तरीके से इस्तेमाल कर सकते हैं।

केंद्र की मोदी सरकार देश में साल 2022 तक ग्रीन एनर्जी का उत्पादन 175 गीगावाट तक ले जाना चाहती है। इस वजह से नई एवं अक्षय ऊर्जा मंत्रालय की तरफ से आपको सोलर सिस्टम लगाने पर मिलने वाली सब्सिडी का भी लाभ मिल सकता है।

जानिए कैसे बचा सकते हैं बिजली में पैसा

एक सोलर पैनल की कीमत लगभग एक लाख रुपए है। अगर आप अपने घर की छत पर दो किलोवाट का सोलर पैनल इंस्टाल कराते हैं तो दिन के 10 घंटे तक धूप निकलने की स्थिति में इससे करीब 10 यूनिट बिजली बनेगी। अगर महीने का हिसाब लगायें तो दो किलोवाट का सोलर पैनल करीब 300 यूनिट बिजली बनाएगा।

इस तरीके से खरीदी सोलर पैनल

- सोलर पैनल खरीदने के लिए आप राज्य सरकार की रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट अथॉरिटी से संपर्क कर सकते हैं।
- राज्यों के प्रमुख शहरों में कार्यालय बनाए गए हैं।
- हर शहर में प्राइवेट डीलर्स के पास भी सोलर पैनल उपलब्ध हैं।
- अथॉरिटी से लोन लेने के लिए पहले संपर्क करना होगा।
- सब्सिडी के लिए फॉर्म भी अथॉरिटी कार्यालय से ही मिलेगा।

10 साल चलती है बैटरी

सोलर पैनलों की उम्र 25 साल की होती है। सोलर पैनल में मेटनेंस खर्च नहीं आता, लेकिन हर 10 साल में एक बार बैटरी बदलनी होती है। इसका खर्च करीब 20 हजार रुपए होता है। इस सोलर पैनल को एक स्थान से दूसरे स्थान पर आसानी से ले जाया जा सकता है।


इन बातों का रखें ध्यान

- आप सोलर पैनल लगाने की कवायद सिर्फ अपने इस्तेमाल के लिए बिजली बनाने में नहीं कर रहे हैं। आप सोलर पैनल से बनने वाली बिजली इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड में दे रहे हैं।
- आपके घर जो बिजली के खंभे से इलेक्ट्रिसिटी आ रही है, वह पहले की तरह ही आती रहेगी।
- कई राज्य सरकारों ने इसके लिए ग्रुप नेट मीटरिंग (GNM) और वर्चुअल नेट मीटरिंग (VNM) फ्रेमवर्क बनाया है।
- इससे घरों और कोऑपरेटिव ग्रुप हाउसिंग सोसायटीज को सस्ते दाम पर बिजली मिल सकती है।
- अगर आप चाहें तो बहुत आसानी से अपने घर की छतों पर भी सोलर पैनल लगवा सकते हैं। इससे न सिर्फ आपका बिजली का बिल कम होगा बल्कि कुछ सालों में सोलर पैनल की लागत निकल आएगी, जिससे आपकी बिजली खपत मुफ्त हो जाएगी।

Ruchi Sharma
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