बजट से जुड़ी ये दिलचस्प बातें नहीं जानते होंगे आप, इंदिरा गांधी ने निभार्इ थी अहम भूमिका

1 फरवरी को नरेंद्र मोदी सरकार अंतरिम बजट पेश करने जा रही है, जिसकी तैयारियां अंतिम चरण में है। ऐसे में पत्रिका बिजनेस आपको बजट से जुड़ी कुछ अनसुनी बातें बताने जा रहा है।

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Updated: 30 Jan 2019, 11:47 AM IST

नई दिल्ली। 1 फरवरी को नरेंद्र मोदी सरकार अंतरिम बजट पेश करने जा रही है, जिसकी तैयारियां अंतिम चरण में है। ये बजट वित्त मंत्री अरुण जेटली का लगातार छठा बजट होता। लेकिन उनकी तबीयत खराब है इसलिए एनडीए सरकार का आखिरी बजट अब पीयूष गोयल पेश करेंगे। ऐसे में पत्रिका बिजनेस आपको बजट से जुड़ी कुछ अनसुनी बातें बताने जा रहा है।


इस वर्ष पेश हुआ था भारत का 'ड्रीम बजट': साल 1997-98 के केंद्रीय बजट को 'ड्रीम बजट' कहा जाता है। ये बजट पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम द्वारा पेश किया गया था। इसको ड्रीम बजट इसलिए कहा जाता है क्योंकि उस वक्त कई आर्थिक सुधार किए गए थे। उनमें आयकर दरों में कमी, कॉर्पोरेट टैक्सों पर सरचार्ज हटाने और कॉरपोरेट टैक्स दरों में कमी करना शामिल था।


वित्त मंत्रालय का पदभार संभालने वाली इंदिरा गांधी हैं एकमात्र महिला: साल 1969 में वित्त मंत्री मोरारजी देसाई ने इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे के बाद भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने वित्त मंत्रालय का पदभार संभाला। इंदिरा गांधी एकमात्र महिला हैं जिन्होंने वित्त मंत्रालय का पदभार संभाला।


इनके नाम है सबसे ज्यादा बजट पेश करने का रिकॉर्ड: पूर्व वित्त मंत्री मोरारजी देसाई ने अब तक सबसे अधिक बजट पेश किए हैं। देसाई के नाम संसद में सबसे ज्यादा बजट पेश करने का रिकार्ड है। इतना ही नहीं, साल 1964 और 1968 में 29 फरवरी को मोरारजी देसाई ने अपने जन्मदिन पर केंद्रीय बजट पेश किया था, वे ऐसा करने वाले एकमात्र वित्त मंत्री हैं। बता दें मोरारजी देसाई वित्त मंत्री के साथ-साथ देश के प्रधानमंत्री भी रह चुके हैं। उन्होंने 10 बार केंद्रीय बजट संसद में पेश किया था। देसाई के बाद सबसे ज्यादा बजट पेश करने में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम का नाम आता है जो नौ बार संसद में बजट पेश कर चुके हैं। उनके बाद नाम आता है पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी का, जिन्होंने वित्त मंत्री बनने के दौरान आठ बार संसद में बजट पेश किया था।


गोपनीयता में किया जाता है बजट का काम: जो अधिकारी बजट तैयार करते हैं वो देश-दुनिया से पूरी तरह कट कर नॉर्थ ब्लॉक में रहते हैं और बजट का दस्तावेज तैयार करते हैं। यानी इन कर्मचारियों से ना कोई मिल सकता और ना ही इन कर्मचारियों को किसी से बात करने की इजाजत होती है। बजट का काम अत्यंत गोपनीयता में किया जाता है।


हलवा सेरेमनी की परंपरा: बजट पेश करने से करीब 10-12 दिन पहले 'हलवा सेरेमनी' का आयोजन होता है। इस सेरेमनी में अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए मीठे पकवान के रूप में हलवा तैयार किया जाता है, जो खुद वित्त मंत्री की तरफ से बनवाया जाता है। कहते हैं किसी भी महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत से पहले मीठा खाना चाहिए, इसलिए बजट तैयार करने से पहले 'हलवा सेरेमनी' का आयोजन किया जाता है।

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