अमृतं जलम्: VIDEO: अकबर के नवरत्नों में शामिल राजा टोडरमल ने बनवाया था यह 'ताल', आज है ऐसी दुर्दशा देखने वालों के निकल आएंगे आंसू

अमृतं जलम्: VIDEO: अकबर के नवरत्नों में शामिल राजा टोडरमल ने बनवाया था यह 'ताल', आज है ऐसी दुर्दशा देखने वालों के निकल आएंगे आंसू
raja ka tal

arun rawat | Updated: 19 May 2019, 10:05:08 AM (IST) Firozabad, Firozabad, Uttar Pradesh, India

— फिरोजाबाद मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर दूर 'राजा का ताल' नाम से विख्यात है यह जगह, जिला प्रशासन की अनदेखी के चलते हो रहा दुर्दशा का शिकार।

फिरोजाबाद। एक समय था जब इस तालाब का पानी पूरे क्षेत्र के लिए 'अमृत' हुआ करता था। जिला प्रशासन की अनदेखी के चलते आज तालाब अपना अस्तित्व खोने की कगार पर है। तालाब पर लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है। सैकड़ों वर्ष पुराना यह तालाब अपने मूल अस्तित्व के लिए तरस रहा है। बावजूद इसके अधिकारियों द्वारा इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा जबकि इसी तालाब के नाम पर पूरा गांव बसा हुआ है।

 

 

1707 में अस्तित्व में आया तालाब
फिरोजाबाद ब्लाक की ग्राम पंचायत अलीनगर कैंजरा का गांव राजा का ताल। वर्ष 1707 में आबादी से दूर सम्राट अकबर के नवरत्नों में शामिल राजा टोडरमल ने एक तालाब खुदवाया था। इस तालाब में राजा की सेना में शामिल हाथी, घोड़े पानी पीने के लिए आया करते थे। इस तालाब को सुंदर रूप राजा द्वारा दिया गया था। तालाब में किसी प्रकार की गंदगी न हो इसलिए इसके चारों ओर चूने की दीवाल खड़ी कराई गई थीं।

आज बेहाल है तालाब
अधिकारियों की अनदेखी के चलते आज यह तालाब दल—दल बन गया है। इस पर आस—पास के लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है। चूने की दीवाल आज भी उस समय तालाब के अस्तित्व की गवाही देती हैं लेकिन शायद अधिकारी आंखों पर पट्टी बांधे बैठे हैं। आज इस तालाब का प्रयोग केवल कूड़ा, कचरा डालने में ही होता है। लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी तालाब को उसके अस्तित्व में नहीं लाया जा सका है।

राजा गजराजा की सेना भी आया करती थी यहां
यमुना की खादरों में बसी माता सीयर देवी मंदिर के आस—पास राजा गजराजा राज्य करता था। उसने मंदिर के समीप से लेकर इस तालाब तक गुफा बनवाई थी। राजा की सेना के हाथी, घोड़े गुफा के जरिए इस तालाब पर पानी पीने आया करते थे। गुफा के अवशेष आज भी यहां जीवित हैं। इस 'ताल' के नाम पर ही ग्राम पंचायत अलीनगर कैंजरा के गांव का नाम राजा का ताल रखा गया है।

गौरवशाली रहा है इतिहास
इस राजा का ताल का गौरवशाली इतिहास रहा है। बावजूद इसके अस्तित्व को बचाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए। इस तालाब की सूरत बदलने के लिए ग्रामीणों ने कई बार प्रयास किए लेकिन अधिकारियों की अनदेखी के चलते उनके प्रयास सार्थक नहीं हो सके। आज इस तालाब की दुर्दशा देखकर आपकी आंखों से भी आंसू निकल आएंगे।

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