तीन महीने बाद शुरू होंगे चूड़ी कारखाने, इन शर्तो के साथ खोलने की मिली परमीशन

— गैस फर्नेस की मरम्मत, सोशल डिस्टेसिंग के हिसाब से अंदर काम करने के तरीकों में किया जा रहा बदलाव।

By: arun rawat

Updated: 26 Jun 2020, 09:06 AM IST

फिरोजाबाद। फिरोजाबाद की चूड़ियों की खनक एक बार फिर गूंजेगी। लाखों मजदूरों को रोजगार मिलेगा। तीन महीने बाद उद्योग विभाग ने सशर्त कारखाने खोलने की परमीशन दी है। परमीशन मिलते ही कारखाने मालिक तैयारियों में जुट गए हैं। सोशल डिस्टेसिंग का पालन ककराने के साथ ही मजदूरों की सुरक्षा को लेकर बदलाव किए जा रहे हैं। जिससे कारखाने में काम करने वाले मजदूर कोरोना संक्रमण से बच सकें।

मार्च सेे बंद हैं कारखाने
कोरोना आने के साथ ही मार्च के महीने में शहर के चूड़ी कारखानों को बंद करा दिया गया था। तभी से चूड़ी निर्माण का कार्य बंद पड़ा है। तभी से कारखानेदार काम शुरू कराने के लिए लगातार अधिकारियों से वार्ता कर रहे थे लेकिन कुछ पहलुओं पर उनकी बात नहीं बन पा रही थी लेकिन तीन महीने के बाद अब बात बन गई है। डीएम चन्द्रविजय के निर्देश पर उद्योग विभाग ने चूड़ी उत्पादन के लिए परमीशन दे दी। कारखानों में सोशल डिस्टेसिंग के लिहाज से भवन के नक्शा में फेरबदल जैसे कार्यो में तेजी देखने को मिली। कामकाज के दौरान नक्शा में भी परिवर्तन किया गया है।

फिलहाल पांच बेलन ही लगेंगे
एक शिफ्ट में चूड़ी के दस बेलन लगाते हैं लेकिन सोशल डिस्टेसिंग के मानकों को पूरा करने के लिए चूड़ी कारखानेदार एक शिफ्ट में केवल पांच बेलन ही चलाएंगे। जिससे न्यूनतम श्रमिकों से काम कराने एवं कुल क्षमता का 70 प्रतिशत उत्पादन करने संबधी मानकों का अनुपालन हो सकें।

इतने हैं चूड़ी कारखाने
मक्खनपुर, औद्योगिक आस्थान जलेसर रोड पर करीब 80 कांच चूड़ी बनाने वाले कारखाने संचालित है। 24 मार्च कोरोना के चलते लागू लाॅक डाउन के कारण कामकाज ठप हो गया है। लेकिन लाॅक डाउन के पूर्व उत्पादन प्रक्रिया से गुजर रही कुछ इकाईया अभी भी तत्काल कामकाज शुरू कराने की स्थिति में है। चूडी उद्योग जगत की माने तो करीब 15 इकाईयों में आगामी एक सप्ताह के भीतर उत्पादन शुरू हो जाएगा।

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