ये खेत हैं या तालाब, देखकर भी नहीं पहचान पाओगे आप, देखें वीडियो

जसराना क्षेत्र में नहर विभाग की लापरवाही के चलते किसानों का हो रहा लाखों का नुकसान।

By: अमित शर्मा

Published: 24 Jul 2018, 06:50 PM IST

फिरोजाबाद। नहर विभाग की लापरवाही का खामियाजा क्षेत्र के किसानों को भुगतना पड़ रहा है। नहर से खंदी कट जाने के कारण किसानों के खेत तालाब के रूप में नजर आने लगे हैं। घुटनेे से भी अधिक खेतों में पानी भरा हुआ है। इससे किसानों द्वारा बोई गई बाजरा की फसल बर्बाद हो गई और आगे भी किसान उस खेत में कोई फसल नहीं कर पा रहे हैं। इससे किसानों में नहर विभाग के अधिकारियों के विरूद्ध रोष व्याप्त है।

कुशयारी गांव में कट गई खंदी

थाना जसराना क्षेत्र के गांव कुशयारी में किसानों की फसल खंदी कटने से जलमग्न हो गई। किसानों की धान और बाजरा की फसल बर्बाद हो गयी। जबकि दो दिन पूर्व सींचपाल ने समाधान दिवस में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था। गांव कुशियारी से होकर इटावा ब्राँच नहर निकली है। इस नहर का पानी दूर-दूर तक जाता है। अधिकतर इस नहर का प्रयोग खेतों में सिंचाई के काम में लिया जाता है लेकिन नहर विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते इसे अभी तक ठीक नहीं किया जा सका है। इसकेे चलते खेत अभी भी तालाब के रूप में नजर आ रहे हैं।

इन किसानों की हुई फसल बर्बाद

खंदी काटने पर पानी का बहाव तेज होने के कारण किसान विजय शंकर पुत्र किशन मुरारी का 40 बीघा, अबसार अली पुत्र सद्दीक अली की छह बीघा, रियासत अली पुत्र सद्दीक अली की छह बीघा, उमाशंकर पुत्र रामचंद्र की 12 बीघा , नवीन चंद्र पुत्र हरिश्चंद्र 10 बीघा , रेखा पत्नी राजेंद्र 14 बीघा, गोपाल पुत्र राम सनेही लाल की छह बीघा, जबर सिंह पुत्र राम सनेही लाल की छह बीघा और विच्छेद पुत्र गीतम सिह की सौ बीघा से अधिक फसल जलमग्न हो गयी। किसानों का कहना है कि नहर की खंदी रात को कोई न कोई काट देता है। खेत में पानी भरने के कारण धान की फसल बर्बाद हो चुकी है। दो दिन दिन पूर्व प्रशासन को सूचना दे दी है लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।

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अमित शर्मा
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