फिरोजाबाद में ट्रांसपोर्ट नगर बसाने में कोरोना की मार, जमीन को नहीं मिल रहे खरीददार

— ट्रांसपोर्ट नगर के लिए ट्रांसपोर्टर नहीं खरीद रहे जमीन, 45 से घटकर 28 हजार रुपए प्रति वर्ग मीटर पर पहुंची जमीन की कीमत।

By: arun rawat

Updated: 29 Oct 2020, 10:56 AM IST

फिरोजाबाद। कोरोना ने सुहागनगरी में ट्रांसपोर्ट नगर बसाने की उम्मीदों पर पानी फेरने का काम किया है। जमीनों की कीमतों में काफी कमी कर दी है लेकिन इसके बाद भी जमीन के खरीददार नहीं मिल रहे हैं। कुछ ऐसा ही हाल फिरोजाबाद—शिकोहाबाद विकास प्राधिकरण का है। प्राधिकरण ने ट्रांसपोर्ट के लिए जमीन की कीमतों में कमी कर दी है। इसके बाद भी ट्रांसपोर्टर जमीन नहीं खरीद रहे हैं। इसे लेकर प्राधिकरण के अधिकारी परेशान हैं।

जमीनों के कम किए रेट
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में विकास प्राधिकरण राजा का ताल के पास ट्रांसपोर्ट नगर बसाने की तैयारी में है। उसने जमीन के दाम 45 हजार से घटाकर 28 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर कर दिए हैं। इसके बाद भी ट्रांसपोर्टर जमीन खरीदने को तैयार नहीं हैं। ट्रांसपोर्टर जमीन को अभी भी महंगा बता रहे हैं। वे इस कीमत पर भूमि खरीदने को तैयार नहीं हैं। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि यहां नोएडा से भी जमीन महंगी दी जा रही है। नोएडा जैसी सिटी में ट्रांसपोर्ट नगर में जमीन के दाम 17 से 18 हजार रुपये वर्ग मीटर हैं। फिर यहां तो जमीन और सस्ती होनी चाहिए।

सस्ती हो जमीन की कीमत
28 हजार रुपये वर्ग मीटर के हिसाब से जमीन के दाम काफी अधिक है। ट्रांसपोर्टर राज नारायण गुप्ता मुन्ना ने बताया कि ट्रांसपोर्टरों की माली हालत को देखते हुए जमीन के दाम करीब 15 से 16 हजार रुपये वर्ग मीटर होने चाहिए। तब कहीं जाकर ट्रांसपोर्टर जमीन लेने के लिए विचार कर सकते हैं। इतनी महंगी जमीन फिरोजाबाद का ट्रांसपोर्टर नहीं ले सकता। वर्तमान में कारोबार भी ठप है। यदि ट्रांसपोर्ट नगर बनाना है तो सरकार को मदद करनी चाहिए। इसके लिए जनप्रतिनिधियों को आगे आना चाहिए।

400 ट्रांसपोर्ट हैं जिले में
सुहागनगरी में लगभग चार सौ ट्रांसपोर्ट कंपनियां हैं। इन कंपनियों से जुडे़ वाहनों की संख्या लगभग एक हजार है। फिरोजाबाद से कांच के आयटम और चूड़ियां पूरे देश में ट्रांसपोर्ट के माध्यम से जाती हैं। ट्रांसपोर्ट कंपनियां हाईवे किनारे, सर्विस रोड और अन्य बाजारों में हैं। इससे सामान रखने और उतारने के लिए कंपनियों के वाहन सड़क किनारे खडे़ रहते हैं। अधिकतर वाहन ओवरब्रिज के नीचे, सर्विस रोड पर, औद्योगिक क्षेत्र में, हनुमान रोड, शीतल खां रोड, जाटवपुरी, स्टेशन रोड, जलेसर रोड पर खडे़ नजर आते हैं। इससे जाम भी लग जाता है। सड़क किनारे खडे़ वाहन रास्ता संकरा कर देते हैं।

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