लॉक डाउन की सुगबुगाहट को लेकर थोक विक्रेताओं ने शुरू की खाने—पीने के सामान की कालाबाजारी, फुटकर दुकानदार परेशान

— पान मसाला, तंबाकू सहित खाद्य पदार्थो की बिक्री के दामों में बढ़ोत्तरी होने से आम आदमी पर पड़ रहा असर।

By: arun rawat

Published: 22 Apr 2021, 12:58 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
फिरोजाबाद। कोरोना के चलते लॉकडाउन होने की आशंका के बीच थोक दुकानदारों ने पान मसाला, गुटखा और खाद्य पदार्थो के सामान की कालाबाजारी शुरू कर दी है। दाम बढ़ाए जाने के बाद फुटकर विक्रेता भी बढ़ी कीमतों पर सामान बेचने को विवश हो रहे हैं। अधिकारियों द्वारा लगातार कालाबाजारी करने वालों पर कार्रवाई करने की बात कही जा रही है। बावजूद इसके दुकानदार अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहे हैं।
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पान, मसाला हुए महंगे
पिछले वर्ष कोरोना काल में सबसे महंगी तंबाकू बिकी थी लेकिन इस बार खाद्य पदार्थो के सामान की भी कालाबाजारी की जा रही है। कुछ दिन पहले तक जहां सरसों का तेल 110 से 120 रुपए प्रति किलो बिक रहा था। वहीं अब 160 रुपए प्रति किलो पहुंच गया है। वहीं, चीनी, आटा आर दाल के भाव आसमान छू रहे हैं। थोक विक्रेताओं द्वारा ऐसा सामान जिसका स्टॉक किया जा सकता है। उसे बाजार में नहीं भेज रहे। एक दुकानदार ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पिछले वर्ष परचून के सामान काफी महंगे बिके थे। इस बार भी यदि लॉक डाउन हुआ तो कमाई हो सकती है। महंगे दामों पर सामान मिलने पर फुटकर दुकानदार भी उसी कीमत के अनुसार सामान की बिक्री कर रहे हैं। ऐसा होने से आम आदमी प्रभावित हो रहा है। डीएम चन्द्रविजय सिंह ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि कालाबाजारी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। अब देखना होगा कि प्रशासनिक अधिकारी इस कालाबाजारी पर किस तरह रोक लगा सकेंगे।

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