स्वच्छ भारत को लेकर सूखे और गीले कूड़े के लिए सेंटर स्थापित करेगा नगर पालिका, देखें वीडियो

— कूड़ा निस्तारण को टूंडला फिरोजाबाद के भर्रा नाले पर बनेगा केन्द्र, दो महीने में 33 लाख की धनराशि से होगा निर्माण।

फिरोजाबाद। फिरोजाबाद के टूंडला नगर के रामलीला मैदान में पालिका प्रशासन द्वारा स्वच्छ सर्वेक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें नगर वासियों को स्वच्छता में योगदान देने की अपील की गई। वहीं, पालिका प्रशासन द्वारा कराए जाने वाले कार्यक्रमों के बारे में बताया। नगरवासियों से स्वच्छता अभियान में सहयोग करने की अपील की गई।

यह बोले एसडीएम
मुख्य अतिथि एसडीएम केपी सिंह तोमर ने कहा कि स्वच्छता को लेकर देश के प्रधानमंत्री भी झाडू लगाते हैं। हमें भी साफ-सफाई करने में सफाई कर्मचारियों का सहयोग करना चाहिए। वातावरण साफ सुथरा रखेंगे तो स्वास्थ्य ठीक रहेगा। सफाई कर्मचारियों का उन्होंने आभार व्यक्त किया। चेयरमैन रामबहादुर चक ने कहा कि पालिका प्रशासन द्वारा नगर को साफ सुथरा रखने में पूरा योगदान दिया जा रहा है। कुछ लोग नगर पालिका की जमीन पर अवैध कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे लोगों को सबक सिखाने के लिए नगरवासियों को भी आवाज उठानी होगी।

शौचालय का प्रयोग करें
अधिशासी अधिकारी श्रीचन्द्र ने शौचालय का प्रयोग करने के लिए लोगों को प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि सूखा कूड़ा हरे रंग के डिब्बे में घरेलू कूड़ा, नीले रंग के डिब्बे में सूखा कूड़ा और लाल रंग के डिब्बे में खतरनाक कूड़ा डालना चाहिए। उन्होंने सफाई कर्मचारियों से कहा कि वह भी घरों से कूड़ा अलग-अलग एकत्रित करें। उन्होंने कहा कि ‘सेगरीगेशन’ अलगाव केन्द्र के लिए शासन से 33 लाख रुपए स्वीकृत हुए हैं। दो महीने में इस कार्य को शुरू कराया जाएगा। भाजपा के जिला महामंत्री दीपक चैधरी ने कहा कि हमें जिम्मेदार नागरिक बनना होगा। इस मौके पर राजकुमार जेई, आंशू चक, संजय मेवाती, नवीन कुमार, मनीष चतुर्वेदी, जोंटी चैधरी आदि मौजूद रहे।

एसडीएम ने दिलाई शपथ
कार्यक्रम के उपरांत एसडीएम केपी सिंह तोमर ने सभी को प्लास्टिक मुक्त भारत बनाने में अपना योगदान देने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि हम सभी आज यह संकल्प लेते हैं कि प्लास्टिक का प्रयोग नहीं करेंगे और स्वच्छ व स्वस्थ टूंडला बनाने में अपना पूरा योगदान देंगे।

जब एसडीएम बने डाॅक्टर
कार्यक्रम के समापन पर एसडीएम डाॅक्टर बन गए। उन्होंने एक बच्चे को अपने सामने मेज पर लिटाकर बताया कि यदि कभी किसी व्यक्ति के अंदर खून का संचार नहीं होता है और उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही हो। व्यक्ति जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा हो, ऐसे में चिकित्सक भी न हो तो मरीज की गर्दन को टेड़ा कर दें और दोनों पैरों को धीरे-धीरे पकड़कर उठाएं। ऐसा करने से शरीर में खून का संचार होने लगता है और सांस लेने में तकलीफ नहीं होती।

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arun rawat
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