इस शहर में नहीं बची गौशाला के लिए कोई जगह, सड़क पर भटक रहीं सैकड़ों गौमाता

suchita mishra

Publish: Nov, 14 2017 02:23:29 (IST)

Firozabad, Uttar Pradesh, India
इस शहर में नहीं बची गौशाला के लिए कोई जगह, सड़क पर भटक रहीं सैकड़ों गौमाता

तंग गलियों में रहने के कारण नगर निगम को नहीं मिल रही गौशाला बनाने की जगह।

फिरोजाबाद। हिंदू संस्कृति की परिचायक सुहाग नगरी यूं तो चूड़ियों के कारखानों के लिए प्रसिद्ध है लेकिन यहां हिंदुओं की पूज्य मानी जाने वाली गौमाता के रहने के लिए कोई जगह तक नहीं है। जी हां, जिले में अब तक गायों के लिए किसी ढंग की गौशाला का भी कोई इंतजाम नहीं है। यहां एबीवीपी कार्यालय के अंदर शहर की एकमात्र गौशाला संचालित होती है, लेकिन वहां भी बहुत ज्यादा जगह नहीं है। आपको बता दें कि फिरोजाबाद शहर गलियों में बसा है, ऐसे में नगर निगम के अधिकारी भी इस सोच में हैं कि आखिर गौशाला कहां बनाई जाए।

नहीं मिल रही उपर्युक्त जगह
नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक गौशाला के लिए कम से कम डेढ से तीन बीघा तक जमीन चाहिए जो नगर निगम के पास नहीं है। वहीं शहर के अंदर लोग ऐसी तंग गलियों में निवास करते हैं, जहां से मोटरसाइकिल निकलना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में गौशाला के लिए जगह चिन्हित करना काफी मुश्किल काम है। शहर से करीब छह किलोमीटर दूर सोफीपुर में जरूर नगर निगम ने हाल ही कुछ जमीन खरीदी हैं। लेकिन इस जमीन पर कचरा निस्तारण की प्रक्रिया चल रही है। सोफीपुर में कुछ दूरी पर बढ़ने पर जंगल पड़ते हैं। इतनी दूर जंगलों में यदि गौशाला का निर्माण करा भी दिया जाए तो उसे इतनी दूर से संचालित करना काफी मुश्किल काम होगा।

खत्ताघर पर भी नहीं बन सकी सहमति
नगर निगम ने खत्ताघर के लिए चनौरा गांव में ग्रामीणों से भूमि अधिग्रहित करने का काम किया था। लेकिन अधिग्रहित की गई भूमि पर लोगों ने विवाद खड़ा कर दिया था। उसके बाद से खत्ताघर का काम भी अधर में लटक गया। हालांकि नगर निगम फिलहाल इसके लिए यमुना किनारे संभावनाएं तलाश रहा है। आपको बता दें कि वर्तमान में शहर भर में तमाम गायें सड़कों पर घूम रही हैं। कई बार ये दुर्घटना का भी कारण बन जाती हैं।
वहीं तंग गलियों में गायों के घूमने से सड़क से वाहन आदि लेकर चलना भी काफी मुश्किल होता है। ऐसे में लोग शहर में इन गायों के रहने के लिए गौशाला के निर्माण की काफी समय से मांग कर रहे हैं।

इस बारे में राष्ट्रीय विद्यार्थी मंच के जिला संयोजक नितिन शर्मा कहते हैं कि शहर में बड़े स्तर पर एक गौशाला का निर्माण होना चाहिए। वर्तमान में दर्जनों गाय गलियों में मारी-मारी फिर रही हैं। जिनके लिए नगर निगम द्वारा कोई व्यवस्था नहीं की गई है। वहीं नगर आयुक्त जितेन्द्र कुमार का कहना है कि गौशाला के लिए नगर निगम के पास पर्याप्त स्थान नहीं है। लोग अपने स्तर से गौशाला खुलवा सकते हैं।

 

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