संजीव गुप्ता अपहरण कांडः पुलिस रिमांड में खुले कई राज

फिरोजाबाद के व्यापारी संजीव गुप्ता अपहरण कांड में कई राज खुले हैं। पुलिस संजीव से जुड़े अन्य मामलों में भी साक्ष्य जुटा रही है।

By: अमित शर्मा

Published: 18 Aug 2017, 06:58 PM IST

फिरोजाबाद। अपने ही अपहरण की झूठी कहानी बनाने वाले संजीव गुप्ता अपने ही बुने जाल में फंस गया है। पुलिस संजीव गुप्ता को जेल भेज चुकी है। पांच घंटे की कस्टडी रिमांड पर थाना दक्षिण पुलिस संजीव को जेल से बाहर लेकर आई है। जहां पुलिस ने संजीव के ठिकानों पर छापेमारी की। वहीं सागर रत्ना रेस्टोरेंट से लेकर घर तक में रखे रिकॉर्ड खंगाले।

सौ करोड़ की मांगी थी फिरौती

थाना टूंडला क्षेत्र के आॅर्चिट ग्रीन निवासी संजीव गुप्ता ने 22 जुलाई को अपने अपहरण की झूठी कहानी तैयार की थी। खुद के अपहरण के एवज में उसने सौ करोड़ रुपए की फिरौती की मांग कर दी थी। तभी से पुलिस संजीव गुप्ता की तलाश में जुट गई थी। पुलिस ने संजीव को पानीपत से बरामद कर लिया था। उसके बाद संजीव के सीसीटीवी फुटेज निकलकर सामने आए थे। जिसमें संजीव माॅल में घूमता नजर आया था।

झूठी शिकायत पर भेजा था जेल

पुलिस ने झूठा मुकदमा दर्ज कराने के मामले में संजीव गुप्ता, उसकी पत्नी सारिका गुप्ता, सागर गुप्ता और भतीजा विकल्प गुप्ता को जेल भेज दिया था। सूदखोरी और धोखाधड़ी के मामले को लेकर पुलिस संजीव को जेल से शहर लेकर आई। जहां पुलिस ने सागर रत्ना में पार्टनर संजीव गुप्ता के ठिकानों पर छापेमारी की। पुलिस ने बीसी से संबंधित कागजात जुटाने के लिए घर की भी तलाशी ली लेकिन वहां भी कोई साक्ष्य नहीं मिले।

थाना दक्षिण में हुई पूछताछ

थाना दक्षिण पुलिस ने थाने में बिठाकर संजीव गुप्ता से कई घंटे तक पूछताछ की। उसके बाद संजीव की पत्नी सारिका गुप्ता ने संजीव के अपहरण के मामले में नीता पांडे और उनके पति प्रदीप पांडे समेत तीन के विरूद्ध मुकदमा दर्ज कराया था। इस पर पुलिस ने उनके भी बयान दर्ज किए हैं। पुलिस का कहना है कि अपहरण का झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस संजीव को पूरे फिरोजाबाद शहर में इधर से उधर लेकर घूमती रही।

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अमित शर्मा
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