Sawan 2018 वीडियो: महाभारत से पहले यहां हुई थी भगवान भोलेनाथ की स्थापना, आज लगता है लक्खी मेला

Amit Sharma | Publish: Aug, 13 2018 02:39:56 PM (IST) | Updated: Aug, 13 2018 05:32:29 PM (IST) Firozabad, Uttar Pradesh, India

Sawan 2018 Shiv Pooja : फिरोजाबाद शहर से करीब छह किलोमीटर दूर खैरगढ़ क्षेत्र के गांव सांथी में स्थित है महादेव का मंदिर

फिरोजाबाद। वैसे तो हर मंदिर की अपनी अलग कहानी है लेकिन सुहागनगरी का यह मंदिर काफी प्राचीन है। बताया जाता है कि इस मंदिर को भीष्म पितामह के पिता शांतनु ने बनवाया था। इस मंदिर का निर्माण कार्य समाप्त होने के बाद ही महाभारत का युद्ध शुरू हो गया था। बंजर भूमि पर एक सर्प प्रतिदिन इस स्थान पर आकर बैठता था। खुदाई करने पर जमीन से भगवान भोले नाथ की पिंडी निकली और यहां मंदिर का निर्माण कराया गया।

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शहर की आबादी से दूर है मंदिर
शहर से दूर गांव की आबादी में बसे सांथी नाम से मशहूर भोलेनाथ के मंदिर में लोगों ने कई चमत्कार अपनी आंखों से देखे हैं। मंदिर के महंत कमलनाथ बताते हैं कि हमारे पूर्वजों ने हमें बताया कि इस मंदिर का निर्माण महाभारत के समय से पहले किया गया। महाराज शांतनु भगवान शिवजी की आराधना करते थे। उनके समय में एक सांप प्रतिदिन एक ही स्थान पर आकर बैठता था। खुदाई की गई तो यहां शिवलिंग निकली। जिसकी स्थापना करा दी गई।

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भीष्म पितामह की यहां से है निकासी
महंत बताते हैं कि भीष्म पितामह की निकासी इसी जगह से है। महाभारत के युुद्ध के बाद फिर कोई यहां नहीं आया। आज भी इस मंदिर को भीष्म पितामह के नाम से लोग जानते हैं। महाराज शांतनु मंदिर का निर्माण होने के बाद यहां से चले गए थे।

यहां हुए हैं कई चमत्कार
महंत ने बताया कि मंदिर में कई चमत्कार होते रहे हैं। एक गाय यहां आकर खड़ी होती थी और उसका दूध अपने आप निकलता था। एक सांप जो मंदिर के आस—पास ही रहता था। कई बार भगवान शिव की पिंडी से लिपटे हुए लोगों ने दर्शन किए हैं। यहां जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से आता है। उसकी सभी मनोकामना पूरी होती हैं। आज मंदिर पर लक्खी मेला लगता है। काफी संख्या में श्रद्धालु यहां आते हैं। मनोकामना पूरी होने पर भंडारे का आयोजन कराते हैं।

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