FIFA WC 2018 : जब एक कुत्ते ने बचाई इंग्लैंड और फीफा की इज्जत, जानें क्या था पूरा माजरा

फीफा विश्व कप के समय इसके इतिहास से जुड़ी कई रोचक कहानियां मीडिया में आती है। जानें एक ऐसी ही रोचक घटना के बारे में, जब एक कुत्ते ने फीफा की इज्जत बचाई थी।

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Published: 07 Jun 2018, 05:10 PM IST

नई दिल्ली। 21वें फीफा वर्ल्ड कप में अब मात्र सात दिन बाकी रह गया है। रूस में आयोजित होने वाले इस विश्व कप के लिए सभी टीमें अपनी-अपनी तैयारियों को अंतिम रूप में जुटी है। इसी बीच पुराने विश्व कप से जुड़े कई रोचक किस्से भी मीडिया में आ रहे है। यहां हम आपको एक ऐसी ही कहानी बताने जा रहे है, ये घटना ऐसी है, जिसके बारे में पहली दफा आपको विश्वास नहीं होगा। लेकिन ये सच है। दरअसल माजरा यह है कि पूर्व में एक बार एक कुत्ते ने फीफा और इंग्लैंड की इज्जत बचाई थी। आईए जानते है इस रोचक किस्से के बारे में....

1966 की है ये घटना-
ये घटना है 1966 वर्ल्ड कप की। जब इंग्लैण्ड की टीम ने शानदार खेल दिखाते हुए फीफा वर्ल्ड कप की ट्रॉफी अपने नाम कर ली थी। उस वर्ल्ड कप की ख़ास बात यह थी कि वर्ल्ड कप जीतने के बाद भी ट्रॉफी इंग्लैण्ड की टीम अपने पास संभाल नहीं पाई थी। फीफा वर्ल्डकप 1966 की मेजबानी इंग्लैण्ड को मिली थी और वर्ल्ड कप शुरू होने में अभी 4 महीने बाकी थे। आम लोगों के लिए ट्रॉफी को डिसप्ले में रखे अभी दो दिन ही हुए थे और 20 मार्च,1966 को वो ट्रॉफी वहां से चोरी हो गई।

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चोरी हो गई ट्रॉफी -
यूरोप में हर तरफ खुशी का माहौल था, इंग्लैंड सरकार पूरा प्रयास कर रही थी कि इस 8वें फुटबॉल वर्ल्ड कप को दुनिया के लिए एक यादगार स्पोर्ट्स इवेंट बनाने के लिए। इंग्लैंड की रानी एलिज़ाबेथ द्वितीय भी इस पूरे इवेंट को परफेक्ट बनाने के लिए कैम्पेन कर रहे थी। वर्ल्ड कप की चमचमाती ज्यूल्स रिमेट ट्रॉफी लंदन में थी और इंग्लैंड के आम लोगों को ट्रॉफी की झलक देने के लिए ट्रॉफी को सेंट्रल लंदन के वेस्टमिंस्टर हॉल में रखा गया था, जहां से वो शानदार ट्रॉफी चोरी हो गई थी। यह अपने आप में एक अनोखा मामला था और दुनिया भर के अखबारों ने इंग्लैण्ड की सुरक्षा व्यवस्था को आड़े हाथों लिया था। इंग्लैण्ड की इज्जत ताड़-ताड़ हो गई थी और विश्व कप में कुछ और अनहोनी ना हो और ट्रॉफी को कुछ भी करके वापस लाने के लिए सरकार ने युद्ध स्तर पर तैयारियां कर ली थी।

नकली ट्रॉफी बनवाने का बना लिया था मन-
जैसे-जैसे समय बीत रहा था और ट्रॉफी के बारे में कुछ भी पता करने में पुलिस नाकामयाब हो रही थी। ट्रॉफी की जानकारी नहीं मिलने के कारण इंग्लैंड और फीफा काफी चिंता में थी। ऐसे में फुटबॉल एसोसिएशन ने चोरी-छिपे लंदन के चांदी के डिजाइनर जॉर्ज बर्ड से मुलाकात की और उन्हें चोरी हुई ट्रॉफी के जैसी ही दिखने वाली ट्रॉफी का ऑर्डर दे दिया। एसोसिएशन के हेड डेनिस फॉलोस ने इस बारे में किसी को नहीं बताया यहां तक कि फीफा प्रेसिडेंट स्टैंले रोस को भी इस बारे में कुछ पता नहीं था। जनता से खिलाड़ियों को खूब प्यार और सम्मान मिल रहा था ऐसे में ट्रॉफी की बात बाहर आते ही जनता भी हैरान थी।

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फ़िल्मी स्क्रिप्ट सा हो चुका था माजरा-
इस सब के बीच फुटबॉल एसोसिएशन के चेयरमैन जो मीयर्स को एक अज्ञात चिट्ठी मिली। चिट्ठी में किसी जैक्सन नाम के आदमी के सिग्नेचर थे और उसने 15 हजार यूरो की मांग की थी। पुलिस ने मीयर्स से कहा कि वो फिरौती मांगने वाले से कहें कि उन्हें उसकी सभी मांगें मंजूर है, और फिरौती की रकम तैयार कर दी गई। एक सूटकेस में कागज के बंडल्स भरे गए और ऊपर से कुछ नोट रख दिए गए। एक अंडर कवर एजेंट ने जैक्सन से मुलाक़ात की और उसे गिरफ्तार कर लिया, पर ना वो जैक्सन था ना ही उसके पास ट्रॉफी थी।

क्लाइमेक्स तब आया जब हीरो ने इंट्री ली -
कप के चोरी होने के सात दिन बाद 27 मार्च 1966 को साउथ लंदन के नॉरवूड में रहने वाले डेव कॉर्बेट एक फोन करने के लिए अपने घर से बाहर निकलते हैं। साथ में वो अपने डॉगी पिकल्स को भी ले लेते हैं। उन्हें इस बात का बिलकुल भी अंदाजा नहीं था कि वो चंद ही मिनटों में वो वर्ल्ड फेमस होने वाले हैं। कुत्तों के बारे में कहा जाता है वो कुछ अनहोनी होने पर पहले जान लेते हैं, पिकल्स के साथ भी कुछ ऐसा ही हुवा रास्ते में खड़ी कार के चारों तरफ वो दौरते हुए भोंकने लगा। डेव को लगा जैसे पिकल्स कुछ कहना चाहता है। डेव ने वहाँ देखा तो उसे वर्ल्ड कप की ट्रॉफी अखबार में लिपटी मिली। डेव ने ट्रॉफी को पहले टीवी न्यूज के माध्यम से देख लिया था तो उसे समझते देर ना लगी कि जो फीफा की जो ट्रॉफी चोरी हुई है वो उन्हें पिकल्स के वजह से मिल गई है।

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फिर हीरो बन गया पिकल्स-
इस घटना के बाद ‘पिकल्स’ नाम का ये कुत्ता इंग्लैंड का हीरो बन गया। इंग्लैंडवासियों ने अपने देश की शान समझकर उसे अपने सर आँखों पर बिठा दिया। पिकल्स को इतना ज्यादा प्यार, सम्मान और केयर मिला कि वो दुनिया की कुछ बड़ी सेलेब्रिटीज में शुमार हो गया। पिकल्स को नेशनल केनाइन डिफेंस लीग की ओर से मेडल दिया गया और कई पुरस्कार मिले। मिक्स ब्रीड कूली के इस डॉगी को फिल्मों में भी काम मिला। वो ‘द स्पाई विद कोल्ड नोज’ फिल्म में नजर आया। उसे डॉग ऑफ द ईयर, इटेलियन डॉग ऑफ द ईय़र जैसे बड़े-बड़े अवॉर्ड्स मिले।

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