Saif Cup : फाइनल में मालदीव से 1-2 से हारा भारत

Saif Cup : फाइनल में मालदीव से 1-2 से हारा भारत

Siddharth Rai | Publish: Sep, 16 2018 12:37:26 PM (IST) | Updated: Sep, 16 2018 12:37:27 PM (IST) फ़ुटबॉल

मालदीव के लिए इब्राहिम हुसैन ने 19वें और अली फासिर ने 73वें मिनट में गोल किए। वहीं भारत के लिए सुमित पस्सी ने इंजुरी समय में एकमात्र गोल दागा। इस हार के साथ ही भारतीय टीम अपना खिताब बचाने से चूक गईं।

नई दिल्ली। मौजूदा चैम्पियन भारतीय पुरुष फुटबाल टीम यहां सैफ कप के फाइनल में शनिवार को मालदीव के हाथों हारकर खिताब जीतने से चूक गई। मालदीव के लिए इब्राहिम हुसैन ने 19वें और अली फासिर ने 73वें मिनट में गोल किए। वहीं भारत के लिए सुमित पस्सी ने इंजुरी समय में एकमात्र गोल दागा। इस हार के साथ ही भारतीय टीम अपना खिताब बचाने से चूक गईं।

फाइनल में बुरी तरह हारा भारत -
यहां बंगबंधु नेशनल स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में मालदीव ने पहले हाफ में ही गोल कर 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। विजेता टीम के लिए यह गोल 19वें मिनट में इब्राहिम ने दागा। मालदीव ने इस गोल को दूसरे हाफ तक बरकरार रखा। मालदीव ने दूसरे हाफ के 68वें मिनट में अली के गोल की बदौलत अपनी बढ़त को 2-0 कर दिया। भारतीय खिलाड़ियों ने इसके बाद निर्धारित समय तक गोल करने के कई प्रयास किए। लेकिन इंजुरी समय में सुमित के गोल की बदौलत भारत मैच में एक ही गोल दाग पाया और उसे 1-2 से हारकर खिताब गंवाना पड़ा। बता दें इस से पहले भारतीय फुटबाल टीम ने बुधवार को सेमीफाइनल मुकाबले में पाकिस्तान को 3-1 से करारी शिकस्त देकर टूर्नामेंट के फाइनल में प्रवेशकिया था।

पाकिस्तान को हराया था सेमीफइनल में -
बंगबंधु स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में मौजूदा चैम्पियन भारत के लिए मनवीर सिंह ने दो और सुमित पस्सी ने एक गोल दागा। पाकिस्तान के लिए मैच का एकमात्र गोल मुहम्मद अली ने किया था। भारत ने इस टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया था। फाइनल मुकाबले को छोड़ कर टीम ने सभी मैचों में अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाया। इस टूर्नामेंट में भारतीय फुटबाल टीम के युवा कप्तान सुभाशीष बोस और अनिरुद्ध थापा ने भी शानदार कप्तानी की और टीम का हौसला बनाए रखा। भारतीय फुटबाल के इतिहास में सबसे युवा कप्तान थापा ने कहा, "मैं इस बात से इनकार नहीं करूंगा कि मेरे ऊपर दबाव था। टीम के एक खिलाड़ी और एक कप्तान में सबसे बड़ा अंतर यह होता है कि खिलाड़ी को पता होता है कि परिस्थिति कितनी भी विकट क्यों न हो, कप्तान उनका साथ देगा।"

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