अस्पताल में बदहाल हो रही बैठक सुविधायें टूट रही कुर्सी बेंच

कूलर एवं अन्य उपकरण भी हो रहे कबाड़ में तब्दील

By: ajay khare

Published: 13 Mar 2018, 08:43 PM IST

गाडरवारा। स्थानीय शासकीय सिविल अस्पताल तहसील का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है। जिसमें तहसील के गांव गांव से सैकड़ों मरीज अपना उपचार कराने आते हैं। वही आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं का संचालन, क्रियान्वयन भी इसी अस्पताल के माध्यम से होता है। लेकिन आए दिन अस्पताल में मरीज परेशानी होने, अव्यवस्थाओं के आरोप लगाते रहते हैं। इसी कड़ी में शासकीय चिकित्सालय में मरीजों के परिजनों को बैठने के लिए अनेक सीमेंट एवं स्टील की के फर्नीचर की व्यवस्था दानदाताओं एवं विभागीय स्तर पर कराई गई है। लेकिन जहां लोगों द्वारा दान स्वरूप लगवाई गई बेंचें टूट फूट रही हैं। वहीं अस्पताल का स्टील फर्नीचर भी घोर बदहाली झेल रहा है। बीते दिवस अस्पताल का जायजा लेने पर पुराने सोनोग्राफी सेंटर के पास बंद परिसर में अनेक कुर्सी बेंचें कबाड़ में पड़ी दिखाई दीं। जो खुले आसमान के नीचे पड़े पड़े जंग खाकर कबाड़ में तब्दील होती जा रही हैं। इसके अलावा अस्पताल की गैलरी से लेकर परिसर में अनेकों स्टील की कुर्सियां बेंच बदहाल नजर आईं। किसी की एक सीट गायब है, तो कोई उल्टी रखी है। किसी में जंग लग रही है तो कोई पड़े पड़े ही सड़ रही है। लोगों का कहना है कि ऐसी ही लापरवाही के फलस्वरूप अस्पताल में फर्नीचर होते हुए भी उचित रखरखाव न होने के चलते मरीजों का इसका लाभ नहीं मिल पाता। जिससे नसबंदी ऑपरेशन या कोई विशेष अवसर पर अस्पताल में भीड़ बढऩे पर मरीजों तथा परिजनों को जमीन पर बैठने अथवा खड़े रहने को मजबूर होना पड़ता है। गौरतलब है कि अस्पताल में फर्नीचर ही दुर्दशा नहीं झेल रहा। बल्कि अस्पताल के कूलर अन्य आवश्यक उपकरण भी पड़े पड़े कबाड़ बन रहे हैं। लोगों ने अस्पताल की सामग्री की उचित देखरेख एवं कुर्सी बेंचों में सुधार कर मरीजों को सुविधा देने की मांग अस्पताल प्रबंधन से की है। साथ ही इसको इस ओर से जिम्मेदार, उदासीन अधिकारी कर्मचारी के प्रति कार्रवाई की अपेक्षा भी जताई गई है।

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