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Gariaband News: खून से सनी सड़क… तेज रफ्तार हाइवा ने 40 भेड़-बकरियों को रौंद डाला, भड़का आक्रोश

Gariaband News: चरवाहा सूरज यादव ने बताया कि ड्राइवर पहले गाड़ी रोककर नीचे उतरा, फिर पुन: गाड़ी में चढ़कर हाईवा को स्पीड से दौड़ा दिया, जिससे लगभग 40 भेड़-बकरियां को अपनी चपेट में ले लिया

गरियाबंदJun 26, 2024 / 07:04 pm

चंदू निर्मलकर

Gariaband road accident news
Gariaband News: नवागांव-सुंदरकेरा मार्ग पर ग्राम परसदा के पास तेज रतार हाईवा ने सड़क पार कर रहे भेंड़-बकरियों के झुड़ को रौंद डाला और सड़क खून से लथपथ हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हाईवा क्रमांक सीजी-04/एनवी/ 2666 ने सड़क पा रकर रहे भेड़-बकरियों को रौंदते हुए आगे बढ़ गई। हाईवा काफी रफ्तार में थी। चरवाहा सूरज यादव ने बताया कि ड्राइवर पहले गाड़ी रोककर नीचे उतरा, फिर पुन: गाड़ी में चढ़कर हाईवा को स्पीड से दौड़ा दिया, जिससे लगभग 40 भेड़-बकरियां को अपनी चपेट में ले लिया। इस घटना में 26 से अधिक भेड़-बकरियों की मौत हो गई।
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Gariaband News: चरवाहा ने कूद कर बचाई जान

Gariaband Road accident News: घटना के समय मवेशी चरवाहा सूरज यादव ने रोड किनारे कूद कर जैसे तैसे अपनी जान बचाई। वर्ना चरवाहा भी हाइवा की चपेट में आ गया होता। घटना के बाद हाईवे में जाम लग गया। कुछ शरारती तत्व मौके का फायदा उठाकर घायल भेड़ों को लेकर भागने के फिराक में थे, लेकिन मौके पर पहुंची पुलिस की मुस्तैदी से उनके मंसूबे सफल नहीं हुए। वहीं आरोपी हाईवा चालक, हाईवा सहित फरार हो गया। पुलिस आरोपी हाईवा चालक के विरुद्ध अपराध दर्ज कर कार्यवाही प्रारंभ कर दी। घटना के कुछ घण्टे बाद ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए हाईवा को जब्त कर चालक को थाने ले आई।
बताया जाता है कि घटना में 4 भेड़-बकरी बुरी तरह घायल होकर मौके पर ही तड़प रहे थे, जिन्हें देखकर वहां मौजूद लोगों का कलेजा पसीज गया। लोगों ने उनके उपचार के लिए ग्राम तर्री स्थित मवेशी चिकित्सालय के चिकित्सक को लगातार फोन करते रहे, लेकिन मवेशी चिकित्सक का दिल नहीं पसीजा और जिसके चलते वह लगभग 4 घंटे तक मौके पर ही नहीं पहुंचा, जिससे घायल भेड़-बकरियों की भी तड़प-तड़पकर मौत हो गई। चिकित्सालय के बाहर रात भर छोटा हाथी गाड़ी में तड़पते पशुओं को लोग देखते रहे।
बताना जरूरी है कि ग्राम तर्री स्थित मवेशी चिकित्सालय के चिकित्सक और स्टाफ के विरुद्ध लापरवाही की कई शिकायतें हैं, लेकिन कार्रवाई के अभाव में उनकी लापरवाहियां बदस्तूर जारी हैं। आखिरकार सुबह तहसीलदार, पुलिस अधिकारी की मौजूदगी में पशुओं का पोस्टमार्टम किया गया।

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