लॉकडाउन की मार से बचाने किसान संगठनों ने आय बचाने का सुझाया विकल्प

लॉकडाउन (Lockdown 2.0) की मार से किसानों को बचाने के लिए किसान संगठनों ने आय बचाने का विकल्प सुझाया है। कई संगठनों ने रबी फसलों की भी सरकारी एजेंसियों से खरीदी कराने की मांग की है।

By: Ashish Gupta

Updated: 18 Apr 2020, 11:30 PM IST

रायपुर. लॉकडाउन (Lockdown 2.0) की मार से किसानों को बचाने के लिए किसान संगठनों ने आय बचाने का विकल्प सुझाया है। कई संगठनों ने रबी फसलों की भी सरकारी एजेंसियों से खरीदी कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इसी तरीके से फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाया जा सकता है।

छत्तीसगढ़ किसान सभा के अध्यक्ष संजय पराते और महासचिव ऋषि गुप्ता ने कहा, अंधड़ और ओलावृष्टि के बाद प्रदेश की अधिकांश फसल खराब हो गई है। अनियोजित लॉकडाउन ने सब्जी उत्पादक और पशुपालक किसानों की कमर तोड़ दी है।

अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के राज्य सचिव तेजराम विद्रोही ने कहा, ग्रीष्मकालीन धान और रबी की दूसरी फसलों की खरीदी के लिए कृषि उपज मंडियों में व्यापारियों द्वारा बोली के लिए समर्थन मूल्य के अनुरूप आधार मूल्य तय किया जाना चाहिए। समर्थन मूल्य में खरीदी के लिए सरकार द्वारा एजेंसी नियुक्त किया जाए, जिससे किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य प्राप्त हो सके।

विद्रोही ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को एक पत्र लिखा है। तेजराम विद्रोही ने कहा, खरीफ के धान को सरकार ने मार्कफेड के माध्यम से मोटा धान 1815 रुपए और पतला धान 1835 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा था।

राज्य सरकार द्वारा तय 2500 प्रति क्विंटल की अंतर की राशि भी देने की बात हो रही है। किसान का शेष बचा धान कृषि उपज मंडियों में 1400 रुपए से 1550 रुपए प्रति क्विंटल की दर से बिक रहा है। रबी के धान का भी यही संभावित मूल्य है। ऐसे में किसानों को केंद्र सरकार की न्यूनतम समर्थन मूल्य की तुलना में करीब 400 रुपए और छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा दिए जा रहे मूल्य की तुलना में 11 रुपए प्रति क्विंटल नुकसान होगा।

मनरेगा से जोड़ने की भी वकालत
किसान नेताओं ने कहा कि खेती किसानी के काम को मनरेगा के दायरे में लाकर किसानों और कृषि को सुरक्षा दी जा सकती है। यह सुरक्षा ही उसे खरीफ मौसम की खेती के लिए सक्षम बनाएगा। किसानों द्वारा दिए गए कर्ज की वसूली और ब्याज दर पर रोक लगाने की भी जरूरत है। उन्हें अगले सीजन के लिए मुफ्त बीज और अन्य इनपुट्स भी उपलब्ध करवाया जाना चाहिए।

Show More
Ashish Gupta Desk
और पढ़े

MP/CG लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned