कई लोगों की मौत के बाद अब गई मां - बेटे की जान, 200 लोगों पर मंडरा रही मौत, आखिर क्या हैं वजह

Deepak Sahu

Publish: Jun, 14 2018 05:18:37 PM (IST) | Updated: Jun, 14 2018 05:36:51 PM (IST)

Gariaband, Chhattisgarh, India
कई लोगों की मौत के बाद अब गई मां - बेटे की जान, 200 लोगों पर मंडरा रही मौत, आखिर क्या हैं वजह

गांव में लगातार मौतों का सिलसिला बढ़ता जा रहा है। यहां एक परिवार में मातम बेटे की मौत के बाद अब मां की भी मौत हो गई।

देवभोग. छत्तीसगढ़ के एक गांव में लगातार मौतों का सिलसिला बढ़ता जा रहा है। यहां एक परिवार में मातम बेटे की मौत के बाद अब मां की भी मौत हो गई। पूरा परिवार के साथ गांव में भी शोक छा गया है। बेलमती के मौत के बाद गांव में दहशत का माहौल व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रही मौतों के बाद उनका हौसला अब टूटने लगा है। आखिर क्या हैं इन मौतों की वजह...

ये हैं मातम की वजह
गांव की 58 वर्षीय महिला बेलमती सोनवानी की किडनी की बीमारी से मौत हो गई। बेलमती पिछले दस सालों से किडनी की बीमारी से जूझ रही थी। उड़ीसा के साथ ही रायपुर के अस्पताल में भी बेलमती का इलाज करवाया जा चुका था। पिछले पखवाड़े भर से बेलमती की हालत ज्यादा गंभीर हो रही थी, वहीं लगातार किडनी की बीमारी से लड़ते हुए बेलमती का हौसला बुधवार की सुबह जवाब दे गया और गांव में ही उसकी मौत हो गई।

बड़ा बेटा भी गंवा चुका है जान
गांव के त्रिलोचन सोनवानी ने बताया कि बेलमती का बड़ा बेटा भास्कर सोनवानी (28) की मौत 2007 में किडनी की बीमारी से हो चुकी है। उसी दौरान बड़े बेटे के इलाज के लिए बेलमती ने अपना एक एकड़ का जमीन बेच दिया था, इसके बाद रायपुर के साथ ही उड़ीसा के अस्पताल में इलाज कराया लेकिन बेटे की जान बच नहीं पाई। वहीं बेटे के जाने के एक साल बाद बेलमती भी किडनी की बीमारी से ग्रसित हो गई।

 kidney disease

मजदूर बेटा करा रहा था मां का इलाज
बेलमती सोनवानी के बड़े बेटे भास्कर की मौत के बाद उसका छोटा बेटा नीलांबर सोनवानी ही मां का सहारा था। नीलांबर राजधानी में एक फैक्ट्री में मजदूरी का काम कर मां के इलाज के लिए पैसे भेजता था। नीलांबर ने बताया कि उसने अपनी जमापूंजी भी मां के इलाज में खर्च कर दी। उसे उम्मीद थी कि उसकी मां ठीक हो जाएगी। नीलांबर के मुताबिक बड़े भाई के इलाज में पुश्तैनी जमीन बिक गई और अब मां के इलाज में अब तक ही बचाई हुई कमाई चली गई।

4 की हालत गंभीर, 200 से ज्यादा लोग पीडि़त
यहां बताना लाजमी होगा कि सुपेबेड़ा में इस समय 4 ग्रामीण कंबुक्ता नेताम (35), तरूण सिन्हा (27), सूरज नेताम (30), लालबंधु क्षेत्रपाल (50) के साथ ही जालंधर आंडिल्य (45) की स्थिति बहुत ज्यादा गंभीर है। वहीं, इनमें से लालबंधु क्षेत्रपाल को इलाज के लिए सीएचसी देवभोग लाया गया था, जिसके बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें रायपुर के मेकाहारा भेजा गया है। वहीं, गांव में अभी 200 से ज्यादा मरीज किडनी की बीमारी से जूझ रहे हैं।

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