एयरपोर्ट रनवे विवाद : 4 गुना नहीं मिला मुआवजा इसलिए उलझा मामला

- किसानों को राज्य सरकार से मिलना है मुआवजा

फैक्ट फाइल
रनवे विस्तारीकरण योजना

3251 मीटर - विस्तारीकरण के बाद
2286 मीटर - मीटर पहले
965 मीटर- वृद्धि
80 करोड़- लागत
2018- कार्य पूर्ण

 

By: Bhupesh Tripathi

Published: 31 Jan 2021, 12:54 AM IST

रायपुर. स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट माना में जिस जमीन पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए रन-वे का विस्तारीकरण किया गया है। उक्त जमीन में किसानों को चार गुना मुआवजा नहीं मिलने की वजह से अभी तक रन-वे का ट्रायल भी नहीं लिया जा सका है। जब तक जमीन का मुआवजा नहीं मिलता तब तक रन-वे के इस्तेमाल पर भी रोक लग चुकी है।

दरअसल पूरा मामला नवा रायपुर के आस-पास के गांवों के किसानों के मुआवजे से जुड़ा हैं। किसानों ने केंद्र सरकार के भूमि अधिग्रहण के लिए वर्ष 2013 में बने कानून भूमि-अर्जन पुनर्वासन, पुर्नव्यवस्थापन व उचित प्रतिकर पारदर्शिता अधिकार अधिनियम के तहत चार गुणा मुआवजे की मांग की है, लेकिन राज्य सरकार के जरिए उचित मुआवजा नहीं मिलने की वजह किसानों ने मामला कोर्ट में दाखिल कर दिया है। एयरपोर्ट प्रबंधन से जब नए रन-वे के इस्तेमाल पर जानकारी ली गई तो उनका कहना था कि मामले का निराकरण नहीं हो सका हैं इसलिए अभी रन-वे का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है।

सिंचित भूमि को बताया असिंचित
इस मामले में नवा रायपुर प्रभावित किसान कल्याण समिति के सचिव कामता रात्रे ने कहा कि जमीन का मुआवजा एयरपोर्ट प्रबंधन की ओर से नहीं बल्कि राज्य सरकार के जरिए मिलेगा। यह मामला आरंग तहसील में चल रहा है। इस मामले में प्रशासन ने किसानों की सिंचित जमीन को असिंचित बताकर मुआवजा कम करने का भी षड्यंत्र रचा, जिसकी वजह से भी विवाद कायम है। नहर को दबाकर प्रशासन सिंचित भूमि को असिंचित बताकर भी किसानों को दो गुना मुआवजा लेने पर दबाव बनाया गया।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए 3 किमी. रन-वे जरूरी

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए रन-वे की लंबाई कम से कम ३ किमी. होना जरूरी है।

माना एयरपोर्ट में वर्तमान में रन-वे की लंबाई वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लायक हो चुकी है। रन-वे 2286 मीटर से

बढ़कर ३२५१ मीटर हो चुकी है, लेकिन विवाद की वजह से इसका उपयोग नहीं हो पा रहा है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को लेकर

बीते वर्ष एयर एशिया ने माना एयरपोर्ट का सर्वे भी किया था।

नया रन-वे का उपयोग अभी हवाई उड़ानों के लिए नहीं किया जा रहा है। रन-वे का निर्माण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए किया गया है। जमीन मुआवजा संबंधित मामले के निराकरण के बाद ही अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का रास्ता साफ हो पाएगा।
- राकेश सहाय, निदेशक, माना एयरपोर्ट, रायपुर.

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