10 साल से एक परिवार के 25 लोग अंधेरे में काट रहे है जीवन, पूर्व मुख्यमंत्री से लेकर अधिकारियों तक लगा चुके हैं गुहार

10 साल से एक परिवार के 25 लोग अंधेरे में काट रहे है जीवन, पूर्व मुख्यमंत्री से लेकर अधिकारियों तक लगा चुके हैं गुहार

Anjalee Singh | Publish: May, 16 2019 04:25:38 PM (IST) Gariaband, Raipur, Chhattisgarh, India

मामले में परिवार के सदस्यों का कहना हैं कि पिछले एक दशक से जिम्मेदारों को आवेदन करते आ रहे है,इसके बाद भी आज तक बिजली पहुंचाने में बिजली विभाग के अधिकारी ने किसी तरह की कोई रूचि नहीं दिखाई। (Electricity Department) (Chhattisgarh)

देवभोग. छत्तीसगढ़ के गरियाबंद ब्लाक के मुंगिया पंचायत के अंतर्गत आने वाला गड़ियाकुरलापारा के एक परिवार के 25 लोग आज भी अंधेरे में जिन्दगी जीने को मजबूर है। स्थिति यह हैं कि परिवार के लोगों को शाम के बाद चिमनी के भरोसे ही सुबह तक जिन्दगी काटना पड़ता है। (Electricity Department) (Chhattisgarh)

 

मामले में परिवार के सदस्यों का कहना हैं कि पिछले एक दशक से जिम्मेदारों को आवेदन करते आ रहे है,इसके बाद भी आज तक बिजली पहुंचाने में बिजली विभाग के अधिकारी ने किसी तरह की कोई रूचि नहीं दिखाई। परिवारजनों का कहना हैं कि वे बिजली के लिए गुहार लगाते-लगाते थक चुके है,हमेशा उनके दिए गए आवेदन पर कार्रवाई करने की बात तो कही जाती है,लेकिन उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।

तत्कालीन मुख्यमंत्री को भी कर चुके हैं आवेदन
परिवार के मुखिया रूपधर नागेश का कहना है कि माड़ागांव में समाधान शिविर के दौरान प्रदेश के तत्कालीन मुखिया डाँ रमन सिंह को भी आवेदन कर वस्तुस्थिति से अवगत करवाया था कि आधुनिक युग में बिजली नहीं होने से चिमनी में घर के बच्चे पढ़ाई करने को मजबूर है,वहीं घर की महिलाएं भी चिमनी के भरोसे ही खाना बनाने के साथ ही अन्य कामकाज करने को मजबूर है। ऐसे में बिजली देने के लिए रूपधर के साथ ही उसके परिवार के लोगों ने तत्कालीन मुख्यमंत्री के पास गुहार लगाया था,जिसके बाद सीएम ने भी आश्वासन दिया था कि जल्द ही समस्याओं का निराकरण करते हुए बिजली पहुंच जाएगा। रूपधर की माने तो सीएम का आश्वासन सिर्फ आश्वासन ही रह गया। आज भी वे अधिकारी के पीछे चक्कर लगाने को मजबूर है।

पूरा परिवार घर छोड़ पंचायत में डालेगा डेरा
रूपधर के साथ ही उसका बेटा गगने नागेश बताता हैं कि जिम्मेदारों से गुहार लगाते-लगाते थक चुके है। ऐसी स्थिति में उनका भरोसा शासन-प्रशासन के उपर से उठ चुका है। इसी के चलते ही आचार संहिता समाप्त होने के बाद एसडीएम को आवेदन कर पंचायत के सामने रहने के लिए अनुमति मांगेगे। इसके बाद पूरा परिवार झोपड़ी बनाकर पंचायत के सामने रहकर प्रदर्शन कर बताएगा कि आज के समय में बिना बिजली के 10 साल अंधेरे में रहकर उन्होंने जिन्दगी काट लिया है, लेकिन आज भी उनकी समस्याओं पर जिम्मेदार ध्यान देना उचित नहीं समझ रहे है।

आपको बताते चले कि तीन साल पहले बिजली विभाग में ठेका लेकर काम करने वाले ठेकेदारों ने चार खंभे तो लाकर लगा दिया,लेकिन तार खींचने में किसी तरह की रूचि नहीं दिखाई। वहीं बिजली विभाग की लापरवाही का खामियाजा रूपधर का पूरा परिवार भुगत रहा है।

रूपधर का परिवार पिछले दस साल से अंधेरे में रहने को मजबूर है.मामले में मैंने भी पंचायत की ओर से जिम्मेदार अधिकारी को पत्र लिखकर रूपधर को बिजली देने की मांग की थी,लेकिन आज तक बिजली नहीं मिल पाई है।
सुनीता नायक,सरपंच,ग्राम पंचायत मुंगिया

देवभोग जेई से मामले की जानकारी लेता हूं.इसके बाद ही बता पाउंगा कि बिजली वहां कैसे नहीं पहुंची है।
बी.पी.जायसवाल,ई,बिजली विभाग,गरियाबंद

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned