मुख्यमंत्री को उनकी घोषणा याद दिलाने पदयात्रा पर निकले आदिवासी

मुख्यमंत्री को उनकी घोषणा याद दिलाने पदयात्रा पर निकले आदिवासी

Chandu Nirmalkar | Publish: Apr, 17 2018 05:50:42 PM (IST) Gariaband, Chhattisgarh, India

एमएस ठाकुर सहित अन्य आला अफसर मानिकचौरी में रात्रि विश्राम कर रहे आदिवासियों को मनाने पहुंच गए

नवापारा-राजिम. गरियाबंद जिले के मैनपुर से लगे बोईरगांव के 45 आदिवासी समाज के लोग अपनी मांगों को लेकर सीएम हाउस की पदयात्रा पर निकले हैं। दिनभर चलने के बाद रात के रास्ते में पडऩे वाले गांव में पड़ाव डालते हैं। पहलेदिन इनका पड़ाव नवागढ़, दूसरे दिन मालगांव और तीसरे दिन कोपरा में अपना पड़वा डाला। सोमवार को चौथे दिन वे ग्राम मानिकचौरी में रात्रि विश्राम के लिए पड़ाव डाला। पांचवे दिन वे माना के आसपास डेरा डालेंगे और फिर छठे दिन सीएम हाउस पहुंचकर अपनी मांगों के संबंध में ज्ञापन सौंपेंगे।

आदिवासियों की इस पदयात्रा के संबंध में यह अफवाह होने पर कि वे सीएम हाउस का घेराव करने जा रहे हैं। इसके चलते गरियाबंद जिले के प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में प्रशासनिक अधिकारी राजिम एसडीएम मेनका प्रधान, एसडीओपी गरियाबंद संजय ध्रुव, गोबरा नवापारा नायब तहसीलदार प्रमोद शर्मा, राजिम टीआई एमएस ठाकुर सहित अन्य आला अफसर मानिकचौरी में रात्रि विश्राम कर रहे आदिवासियों को मनाने पहुंच गए।

इन अधिकारियों को पदयात्रा का नेतृत्व कर रहे बोईरगांव के पूर्व सरपंच रामसिंग मांझी व जनपद सदस्य सुखचंद ध्रुव ने बताया कि 9 मई 2016 को मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह उनके गांव आए थे। जहां उन्होंने घोषणा की थी कि उनके गांव में बिजली, हाई, हायर सेकंडरी स्कूल और बोईरगांव से पथर्री तक सड़क निर्माण किया जाएगा। लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी उनकी घोषणा पर अमल नहीं हुआ। इसके चलते ही उन्हें उनकी घोषणा याद दिलाने वे राजधानी सीएम हाउस ज्ञापन सौंपने पदयात्रा पर निकले हैं। हम घेराव करने नहीं बल्कि तपती गर्मी में तकलीफ झेलकर अपनी समस्या बताने मुख्यमंत्री से मिलना चाहते हैं। ताकि हमारी आने वाली पीढ़ी को गांवों की समस्या के निदान के लिए आगे तकलीफ न झेलनी पड़े।

अधिकारियों ने बताया कि उनकी कोशिश है कि पदयात्रियों से वार्ता कर उनकी मांगों को सीएम साहब तक पहुंचाया जाय, जिससे इन्हें आगे की तकलीफदायक सफर कर रायपुर न जाना पड़े।

Ad Block is Banned