Video: 22 वर्षीय जुगाड़ू के तबीयत में है सुधार, सिरिंज प्रोजेक्टर से हो रहा उपचार

* पिछले दिनों दो वन भैसों के झगड़े में एक वैन भैसा जुगाड़ू घायल हो गया था जिसका इलाज रेज उत्तर उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में किया जा रहा है

By: Deepak Sahu

Updated: 29 Apr 2019, 04:36 PM IST

गरियाबंद। छत्तीसगढ़ की राजकीय पशु वैन भैसा की तादाद वैसे ही काम होते जा रही है, जिससे वन विभाग शेष बचे वनभैसों पर कड़ी ध्यान रख रही है। पिछले दिनों दो वन भैसों के झगड़े में एक वैन भैसा जुगाड़ू घायल हो गया था जिसका इलाज रेज उत्तर उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में किया जा रहा है।

लड़ाई में लगे चोट का उपचार करने के बाद जुगाड़ू ठीक हो गया था लेकिन पैर में लगे चोट के वजह से पिछले कुछ दिनों से चलने दिक्कत हो रहा था। उपचार के लिए सीसीएफ केके बिसेन ने वडॉ. जय किशोर जड़िया, डॉ आर पी मिश्रा को वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट आफ इंडिया एवं ट्रेकर्स को भेजा गया। जुगाड़ू का इलाज तकनीकी सावधानियों को ध्यान रखकर किया जा रहा है । स्वास्थ्य में सुधार होने की खबर आ रही है,सिरिंज प्रोजेक्टर से दवाई दी जा रही है। वनभैंसा के रहवास स्थल इंद्रावन नदी के पास ग्रामीण जुगाड़ू का सहयोग कर रहे है।

 

ये हुआ था 22 वर्षीय जुगाड़ू के साथ

12 अप्रैल 2019 को दो नर वन भैसा के बीच आपसी लड़ाई से यह वनभैंसा जुगाड़ू जख़्मी हो गया था ।अनुमानित 23 - 24 वर्ष के उम्र के वनभैंसा का उपचार कक्ष क्रमांक 13 , बिट कुरुभाटा , सर्किल जुगाड़ , रेज उत्तर उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में किया जा रहा है। उपचार स्थल इन्द्रवन नदी के किनारे है।ग्रामीणों का इस वन भैसा से काफी लगाव है।यह वन भैसा इस ग्राम के इर्द गिर्द के वनक्षेत्रों में रहवास करता है।जुगाड़ू की अधिक उम्र हो जाने के कारण वह 2- 3 दिनों से बीमार है, बूढा हो गया है और अगले पैर में चलने में तकलीफ हो रही है।

अन्तः स्थलीय सरक्षंण में वनभैंसा की औसतन उम्र 20 -22 वर्ष की होती है । अपने समीप किसी भी प्रकार से मॉनवो की उपस्थिति , शोरगुल, किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप बर्दास्त नही कर पाते । इसलिए इसके उपचार में दक्ष टीम सिरिंज प्रोजेक्टर का उपयोग कर दवा उसके शरीर मे पहुचा रहे है।

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