Boudh gaya: भौतिक से ज्यादा मानसिक सुख लाभकारीः दलाई लामा

Boudh gaya: बोधगया के कालचक्र मैदान में गुरुवार से तिब्बती बौद्धगुरु दलाई लामा का विशेष पूजा सत्र शुरु हुआ।उन्होंने बोधिसत्व प्राप्ति के 37 अभ्यास के बारे में विस्तारपूर्वक श्रद्धालुओं को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भौतिक विकास से शारीरक सुख मिलता है।

By: Navneet Sharma

Updated: 03 Jan 2020, 04:56 PM IST

बोधगया. बोधगया के कालचक्र मैदान में गुरुवार से तिब्बती बौद्धगुरु दलाई लामा का विशेष पूजा सत्र शुरु हुआ।उन्होंने बोधिसत्व प्राप्ति के 37 अभ्यास के बारे में विस्तारपूर्वक श्रद्धालुओं को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भौतिक विकास से शारीरक सुख मिलता है। लेकिन मानसिक सुख करुणा, प्रेम और मैत्री से प्राप्त होता है।

उन्होंने कहा कि मनुष्य को दुखी बनाने का मूल कारक अविद्या है। शून्यता का ज्ञान होने से अविद्या का क्षय होता है।दलाई लामा ने प्रवचन में शून्यता का सिद्धांत,परहित, क्लेश,बोधिचित्त की विस्तार से व्याख्या की।कहा कि सिर्फ शांति की स्थापना और बोधिचित्त की प्राप्ति के लिए शून्यता का सिद्धांत जरूरी है। स्वयं ही बोधिचित्त का उत्पादन करें।अपने पराये सभी के हितों के लिए बुद्धत्व प्राप्त करना चाहिए। शून्यता के दर्शन से बुद्धत्व की प्राप्ति हो सकती है।परहित के लिए दया, करुणा ज़रूरी है। यह बुद्धत्व से प्राप्त होता है।

विशेष पूजा में बड़ी संख्या में विदेशी श्रद्धालु भाग ले रहे हैं। लोग जहां तहां बैठकर साधना में लीन दिखे। विशेष पूजा के लिए श्रद्दालु सुबह से ही कालचक्र मैदान पहुंच गये। दलाई लामा ने प्रवचन में शून्यता का सिद्धांत,परहित, क्लेश,बोधिचित्त की विस्तार से व्याख्या की।कहा कि सिर्फ शांति की स्थापना और बोधिचित्त की प्राप्ति के लिए शून्यता का सिद्धांत जरूरी है।

Show More
Navneet Sharma Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned