मसालों से स्वाद ही नहीं, सेहत भी सुधारें

मसालों से स्वाद ही नहीं, सेहत भी सुधारें

Dinesh Saini | Updated: 28 Feb 2015, 05:58:00 AM (IST) घरेलू नुस्खे

घरेलू चीजों को लेकर आए दिन हो रहे शोधों में भी मसालों की उपयोगिता साबित हो रही है...

मिर्च, नमक, हल्दी, धनिया, जीरा, राई के अलावा अजवाइन, दालचीनी, पुदीना, मीठा नीम पत्ता और तुलसी आदि ऐसे पदार्थ हैं जो रोगों पर सीधे प्रभाव दिखाते हैं। 

पुदीना: बढ़ती है प्रतिरोधक क्षमता
पुदीना में रोसमारिनिक एसिड होता है। यह ऑक्सीडेंट एलर्जी मिटाता है। नहाने के पानी में पुदीने की पत्तियां डालकर स्नान करने से तनाव से मुक्ति मिलेगी। पुदीना मुंह के बैक्टीरिया को नष्ट कर देता है। इससे दांतों की उम्र बढ़ती है और जीभ साफ होती है। यह ब्लड प्यूरीफाई करने का काम भी करता है। 

इससे महिलाओं को मासिक धर्म के समय होने वाले दर्द से राहत मिलती है। पुदीने में  कैल्शियम, फॉस्फोरस, विटामिन सी, डी, ई और विटामिन डी होते हैं जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं। अरोमाथैरेपी में तनाव घटाने व मस्तिष्क को स्फूर्ति प्रदान करने के लिए इसका उपयोग किया जाता है। इसमें मौजूद फायटो कैमिकल कई किस्म के कैंसर का खतरा घटाता है।

ऐसे लें: पुदीने की चटनी बनाएं, इसे रायते, सूप या सलाद में प्रयोग कर सकते हैं। इसे जूस या जलजीरे में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। चावल या पुलाव में भी पुदीने से स्वाद बढ़ा सकते हैं। 

मीठा नीम: सिरदर्द में आराम
जर्नल ऑफ प्लांट फूड्स फॉर न्यूट्रीशन के एक अध्ययन के अनुसार मीठा नीम ब्लड शुगर का लेवल घटाता है। मधुमेह रोगियों के अलावा जो लोग वजन घटाना चाहते हैं उन्हें भी इनका प्रयोग करना चाहिए। इसे कढ़ी पत्ता भी कहते हैं। 

ऐसे लें: दस्त होने पर शहद के साथ मीठा नीम खाने से आराम मिलता है। खाने में इन पत्तियों का इस्तेमाल करने से पाचन प्रक्रिया दुरुस्त होती है। पुलाव, सब्जी या सांभर आदि में इन्हें डाल सकते हैं। इसके पत्तों को पीसकर माथे पर लगाने से सिरदर्द में आराम मिलता है।

अजवाइन: पाचन क्षमता में बढ़ोतरी
अजवाइन में थायमोल रसायन होता है जो पाचन क्षमता बढ़ाता है। यह खांसी, कफ और पेट संबंधी रोगों में काफी फायदेमंद होती है। 

ऐसे लें: अजवाइन को उबालकर पीने या इसे पान के पत्ते में लपेटकर चबाने से अपच की समस्या दूर होती है। अजवाइन बच्चेदानी को भी साफ करती हैै। गुड़ के साथ अजवाइन की टॉफी बनाएं और चबाएं, कफ से जमी रुकावट खुल जाएगी। 

अस्थमा रोगी के लिए यह लाभप्रद है। पतले कपड़े में बंधी अजवाइन को सूंघने से सिरदर्द दूर होता है। इसके रस में दो चुटकी काला नमक मिलाकर लें और बाद में गर्म पानी पी लें, खांसी में आराम मिलेगा। अजवाइन खाने से मुंंह से दुर्गंध नहीं आती। 

अजवाइन डालकर परांठें या पुड़ी बनाएं इससे भूख खुलती है। अजवाइन को भूनकर पीस लें और इससे सप्ताह में दो-तीन बार दांत साफ करें। दांत मजबूत और चमकदार होंगे। दांतों में दर्द होने पर अजवाइन को पानी में उबालकर पानी को गुनगुना कर लें। इस पानी से गरारे करें, दांत दर्द में आराम मिलेगा। 

तुलसी: तनाव होगा गुडबाय
तुलसी में तनावमुक्ति की क्षमता है। जो लोग कामकाजी व्यस्तता के कारण तनाव में रहते हैं, उन्हें 3-4 तुलसी के पत्ते चबाने चाहिए। तुलसी रक्त से यूरिक एसिड का स्तर घटा देती है जो किडनी स्टोन का मुख्य कारण है। तुलसी के रस को शहद के साथ छह माह तक रोज पीने से किडनी में मौजूद स्टोन गलने लगता है। तुलसी में मौजूद तत्व ट्यूमर की ओर पहुंचने वाले रक्त को रोक लेते हैं जिससे ब्रेस्ट व मुंह के कैंसर की ग्रोथ रुक जाती है। तुलसी के पत्ते साथ रखें और स्मोकिंग की चाह हो तो इन्हें चबा लें। 

ऐसे लें: चाय में तुलसी के पत्तों का प्रयोग कर सकते हैं। एक कप चाय में इसकी तीन से चार पत्तियों का प्रयोग कर सकते हैं। शरीर टूट रहा हो या जब लग रहा हो कि बुखार आने वाला है तो पुदीने का रस और तुलसी का रस बराबर मात्रा में मिला लें। इसमें थोड़ा गुड़ मिलाकर पीने से आराम मिलता है। दांतों में कीड़ा लग गया हो तो तुलसी के रस में देसी कर्पूर मिलाएं और रुई में भिगोकर दांत पर लगाने से आराम मिलता है। 

दालचीनी: मधुमेह में राहत
डायबिटीज केयर जर्नल में प्रकाशित शोध के अनुसार टाइप टू डायबिटीज रोगी दालचीनी की चाय पिएं। 

ऐसे लें: पेट में गैस होने पर शहद और दालचीनी चूर्ण का प्रयोग करें। अगर मुंह से दुर्गंध आती हो तो दालीचीनी का एक टुकड़ा दिन में दो बार चूसें। दांतों में कीड़े न लगे इसके लिए दालचीनी पाउडर को पानी में मिलाकर गरारे करें। दालचीनी के पाउडर में नींबू मिलाकर पेस्ट बना लें, अब इसे चेहरे पर लगाएं इससे कील मुहांसों की समस्या दूर होगी। अगर बाल गिरते हों तो शहद में दालचीनी पाउडर को मिलाकर बालों में लगाएं और इसे 10-15 मिनट के बाद धो लें, बाल झडऩा बंद हो जाएंगे। दालचीनी पेस्ट का लेप माथे पर करने से सिरदर्द में आराम  मिलता है। 

- वैद्य ओ.पी. दुबे, इंदौर
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