जिहाद से टक्कर लेने वालों को मिले भारत रत्न: यति नरसिंहानंद

Highlights

- जिहाद को लेकर शिव शक्ति धाम में संत समाज ने की बैठक

- जिहाद मामले में भारत सरकार से फ्रांस सरकार का अनुसरण करने की मांग

- पंडित कमलेश तिवारी को भारत रत्न से सम्मानित करने की भी की मांग

By: lokesh verma

Published: 24 Oct 2020, 04:57 PM IST

गाजियाबाद. डासना स्थित शिव शक्ति धाम में अखिल भारतीय संत परिषद के राष्ट्रीय संयोजक यति नरसिंहानंद सरस्वती ने इस्लामिक जिहाद को लेकर भारत सरकार से फ्रांस सरकार का अनुसरण करने की मांग की है। बता दें कि इस विषय को लेकर एक आपात बैठक बुलाई गई, जिसमें यति नरसिंहानंद सरस्वती महाराज ने इस्लामिक जिहादियों से लोकतंत्र, मानवता और धर्मनिरपेक्षता को बचाने के साथ सरकार के कार्यों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार भी फ्रांस का ही अनुसरण करें तो हिंदुस्तान के लोगों के लिए इससे बेहद राहत मिलेगी।

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उन्होंने कहा कि अब भारत सरकार को फ्रांस सरकार से शिक्षा लेकर अपने नागरिकों का मनोबल बढ़ाने के लिए इस्लामिक जिहाद से टक्कर लेकर अपना बलिदान देने वालों को सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित करना
चाहिए। इसका शुभारंभ गत 2018 अक्टूबर को इस्लामिक जिहादियो का शिकार बने पंडित कमलेश तिवारी को भारत रत्न से सम्मानित करके करना चाहिए। क्योंकि एक योग्य बलिदानी का सम्मान करने से भारत रत्न का भी सम्मान होगा।

बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि भारत सरकार को इसके लिए पत्र लिखकर अनुरोध किया जाए। सरकार से यह भी निवेदन किया जाए कि 1400 सालों में जितने भी सनातन धर्म को मानने वाले इस्लामिक जिहाद का शिकार हुए हैं, उनकी स्मृति में एक स्मारक और संग्रहालय का निर्माण होना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपने इतिहास को जान सकें।

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