Farmers Protest: तीन माह पूरे होने पर गाजीपुर बॉर्डर पर मनाया युवा किसान दिवस

Highlights
- किसान आंदोलन में अब बड़ी संख्या मेंनजर आ रहे युवा किसान

- युवा किसान बोले- सरकार तेजी से निजीकरण की ओर बढ़ रही, खामियाजा किसानों, मजदूरों व मध्यम वर्ग को भुगतना पड़ेगा

- कहा- कृषि कानूनों की वापसी और एमएसपी पर कानून बनने तक जारी रहेगा आंदोलन

By: lokesh verma

Published: 27 Feb 2021, 11:58 AM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
गाजियाबाद. गाजीपुर बॉर्डर पर पिछले 3 महीने से बड़ी संख्या में किसान कृषि कानून की वापसी को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं। किसान अपने इस आंदोलन को मजबूत करने के लिए हर तरह के प्रयास कर रहे हैं। आंदोलन में खास बात यह है कि अब युवा किसान भी बड़ी संख्या में नजर आ रहे हैं। शुक्रवार को यूपी गेट बॉर्डर पर आंदोलन को तीन महीने पूरे होने पर किसानों ने युवा किसान दिवस मनाया। वहीं, दूसरी तरफ लंबे समय से चल रहे इस किसान आंदोलन में अब चोरों ने भी दस्तक दे दी है। जिस वक्त किसान युवा किसान दिवस मना रहे थे। उसी दौरान किसानों के बीच में एक मोबाइल चोर को भी पकड़ा गया, जिसके पास बाइक की कई चाबियां बरामद हुई हैं।

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धरना स्थल पर मौजूद किसानों को संबोधित करते हुए युवा किसानों ने कहा कि सरकार तेजी से निजीकरण की ओर बढ़ रही है, जिसका खामियाजा किसानों, मजदूरों व मध्यम वर्ग के लोगों को भुगतना पड़ेगा। युवा किसानों ने नई शिक्षा नीति पर भी कुठाराघात करते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति की आड़ में सरकार शिक्षा का निजीकरण करना चाहती है। सरकार तीनों कृषि कानूनों का वापिस नहीं लेगी और एमएसपी को कानूनी रूप प्रदान नहीं करेगी, तब तक किसानों आंदोलन जारी रहेगा।

मशाल पैदल यात्रा पहुंची गाजीपुर बॉर्डर

हरियाणा के दुल्हेडन से आंदोलन स्थल पर पहुंची मशाल पैदल यात्रा में आए सभी किसान कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं। इस कड़ी में शुक्रवार को बड़ी संख्या में किसान मशाल पैदल यात्रा करते हुए यूपी गेट पहुंचे। इन किसानों ने बताया कि यह मशाल पैदल यात्रा झज्जर से शुरू होकर सिंघु बॉर्डर और टिकरी बॉर्डर होते हुई यूपी गेट स्थित आंदोलन स्थल पर पहुंची है।

दो किसानों के मोबाइल चोर से बरामद

जब किसान नेता युवा किसानों को संबोधित कर रहे थे तो इसी दौरान एक संदिग्ध युवक देखा गया, जिसे पकड़कर किसानों ने गहन पूछताछ की तो पता चला कि वह मोबाइल चोर है। उसके कब्जे से चोरी के दो मोबाइल भी बरामद हुए और यह दोनों मोबाइल किसान आंदोलन से ही चोरी किए गए थे। इसके अलावा उसके कब्जे से दुपहिया वाहनों की कई चाबियां भी बरामद की गईं। किसानों ने इस मोबाइल चोर को स्थानीय पुलिस को सौंप दिया।

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