Farmers Protest: गर्मी और बारिश से बचने के लिए किसान गाजीपुर बॉर्डर पर लगा रहे टीन शेड

Highlights

- गाजीपुर बॉर्डर पर ही धूमधाम से होली मनाएंगे किसान

- होलिका दहन के लिए भी अलग से की व्यवस्था

- रंग, गुलाल, पानी, मिठाई और फल के साथ मनाएंगे होली

By: lokesh verma

Published: 25 Feb 2021, 02:55 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
गाजियाबाद. गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों के धरने को अब करीब 92 दिन हो चुके हैं। तीन कृषि बिलों के विरोध में आंदोलन लगातार चल रहा है। दिन-ब-दिन किसान अपने आंदोलन को मजबूती देने में जुटे हुए हैं। वहीं, जैसे ही अब गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू किया है तो किसानों ने भी वहां गर्मी से बचाव के तमाम उपाय शुरू कर दिए हैं। किसानों के मंच के सामने गर्मी और बारिश से बचने के लिए टीन शेड लगाई जा रही है। हर दिन यहां कुछ न कुछ गतिविधि जरूर देखने को मिलती है। अब किसानों ने फैसला लिया है कि वह इस बार होली का त्यौहार भी धरना स्थल पर ही मनाएंगे और धरना स्थल के पास होली का विधि विधान से पूजन किया जाएगा।

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जिस तरह से किसान आंदोलन को मजबूती दे रहें हैं और अस्थाई पंडाल की तैयारी कर रहे हैं। उससे साफ जाहिर है कि किसान अब यहां से हिलने वाले नहीं हैं। धरने पर बैठे किसानों ने धरना स्थल पर ही बकायदा होलिका दहन के लिए भी स्थल बना दिया है। किसानों ने अपनी ओर से होली पर पकवान बनवाने और रंग और मिठाई लाने की व्यवस्था भी शुरू कर दी है। संयुक्त किसान मोर्चा के प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा ने कहा कि किसानों की बात अगर सरकार नहीं सुनेगी तो वह होली यूपी गेट पर ही मनाएंगे। इसके लिए रंग, गुलाल, पानी, मिठाई और फल भी लाए जाएंगे, ताकि इस त्योहार बॉर्डर पर ही मनाया जाए।

वहीं, दूसरी तरफ जिस जगह किसानों का मंच बना हुआ है, वहां पर भी गर्मी और बरसात से बचने के लिए पूरे तरह इंतजाम किए जा रहे हैं। 200 फीट के एरिया को लकड़ी के फट्टे और चटाई से ढका जाएगा। इसके लिए बाकायदा लोहे की शटरिंग भी की जा रही है। किसान नेता जगतार सिंह ने बताया कि इसको तेजी से बनाने का काम चल रहा है, जो दो-तीन दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। इस शेड के नीचे न सिर्फ मंच रहेगा, बल्कि यहां पर आने वाले किसान समर्थकों को भी इसी के नीचे स्थान दिया जाएगा।

जगतार सिंह ने बताया कि इस बार किसान होली भी धरना स्थल पर ही मनाएंगे। अब होलिका दहन के लिए सामग्री जमा कर रहे हैं। किसान आंदोलन में कोल्हू लगा दिया गया है। कोल्हू से जो गन्ने की खोई बच रही है, उसको जलाने के काम में लाने के लिए होलिका दहन पर रखा जा रहा है। साथ ही गांव से किसानों ने लकड़ियां भी मंगाई है । उसको भी रख दिया गया है। यहां होलिका दहन का भव्य आयोजन किया जाएगा।

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