देश का पहला ग्रीन म्युनिसिपल बॉन्ड जारी करेगा गाजियाबाद नगर निगम, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में हुआ दर्ज

Highlights

- Ghaziabad Municipal Corporation ने पूरी की ग्रीन म्युनिसिपल बॉन्ड को जारी करने तैयारी

- 31 मार्च 2021 निर्धारित की गई बिडिंग की तिथि

- बॉन्ड के जरिए 150 करोड़ रुपए जुटाए का लक्ष्य

By: lokesh verma

Published: 27 Mar 2021, 10:08 AM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
गाजियाबाद. गाजियाबाद नगर निगम (Ghaziabad Municipal Corporation) ने देश के पहले ग्रीन म्युनिसिपल बॉन्ड (Green Municipal Bond) को जारी करने की तैयारी पूरी कर ली है। गाजियाबाद नगर निगम अनुबंधों पर हस्ताक्षर कर SEBI के नियमानुसार अनुमति प्राप्त कर बॉन्ड इश्यू (Bond Issue) को मुंबई स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के इलेक्ट्रॉनिक बिडिंग प्लेटफॉर्म (EBP) पर शुक्रवार को अपलोड किया है। इसके लिए बिडिंग की तिथि 31 मार्च 2021 निर्धारित की गई है। बॉन्ड के जरिए 150 करोड़ रुपए जुटाए का लक्ष्य रखा गया है।

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गाजियाबाद नगर निगम के नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि गाजियाबाद नगर निगम की ओर से राज्य सरकार, मर्चेंट बैंकर एके कैपिटल सर्विस लिमिटेड, एसक्रो बैंकर एचडीएफसी बैंक लिमिटेड और एचडीएफसी बैंक लिमिटेड के साथ सभी अनुबंधाें की कार्यवाही पूरी हो चुकी है। इसमें लीगल काउंसिल एमवी किनी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने बताया कि इसके तहत गाजियाबाद नगर निगम की तरफ से जारी किए जाने वाले बांड के तहत शहर को जल संरक्षण एवं जल उपलब्धता में मदद मिलेगी। साथ ही शहर की औद्योगिक इकाइयों को भी औद्योगिक स्तर के जल की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा सकेगी।

नगर निगम की महापौर आशा शर्मा ने बताया कि पूरे उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद नगर निगम दूसरे नंबर पर बॉन्ड साइन करने की श्रेणी में आ गया है। उन्होंने बताया कि गाजियाबाद नगर निगम का यह बॉन्ड 25 मार्च को साइन किया गया था। इसे ग्रीन बांड का दर्जा दिया गया है। इस बांड के साइन होने के बाद से नगर निगम का ही नहीं, बल्कि पूरे गाजियाबाद का मान सम्मान बढ़ेगा। इस तरह की श्रेणी में आने के बाद लोगों को एक नई अपॉर्चुनिटी भी मिलती है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से स्थानीय लोगों की मदद से नगर निगम इस श्रेणी में आया है। इसके लिए नगर निगम के अलावा स्थानीय लोग भी बधाई के पात्र हैं।

एसटीपी से उद्योगों को सप्लाई होगा पानी

बता दें कि गाजियाबाद नगर निगम ने म्युनिसिपल बॉन्ड के जरिए 150 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। इस राशि से सीवरेज के शोधन का प्लांट लगाया जाएगा, जिससे उद्योगों को पानी सप्लाई करने की योजना है। इसके लिए नगर निगम ने गुजरात की एक फर्म से डीपीआर भी तैयार कराई है। योजना लागू होने के बाद उद्योगों की भूजल पर निर्भरता समाप्त हो जाएगी। साथ ही जल दोहन पर रोक लग सकेगी।

2019 में योगी सरकार ने दी थी अनुमति

गौरतलब हो कि योगी सरकार की तरफ से 2019 में गाजियाबाद और लखनऊ नगर निगम को बॉन्ड जारी करने की अनुमति मिली थी। निगम अधिकारियों ने दावा किया है कि गाजियाबाद नगर निगम को ए-प्लस क्रेडिट की रेटिंग मिली है। उन्होंने बताया कि नगर निगम को बॉन्ड जारी करने से पहले तीन वर्ष की बैलेंस शीट देखी जाती है।

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