इन शातिर लुटेरों ने फौज को किया बदनाम, फौजी का ड्रेस पहन हाइवे पर लूटते थे लोगों को

पंजाब फौज का अपना एक फर्जी आईकार्ड भी बनवाया हुआ था ये लुटेरा

गाजियाबाद। हापुड़ पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। हापुड़ पुलिस ने चार ऐसे शातिर लुटेरों को गिरफ्तार किया है जो नेशनल हाईवे और पेट्रोल पम्प पर फौजी और पुलिस की वर्दी में बड़ी-बड़ी लूट की घटनाओं को अंजाम दिया करते थे। वहीं बड़ी आसानी से फरार हो जाया करते थे। 24 नवम्बर की रात को अमरोहा के रजबपुर में कैबिनेट मंत्री महबूब अली के भांजे से पेट्रोल पम्प पर इन्हीं शातिर लुटेरों ने लूट की थी। इनमें से एक शातिर लुटेरा इतना शातिर और चालाक था कि उसने पंजाब फौज का अपना एक फर्जी आईकार्ड भी बनवाया हुआ था। 

ये शातिर लुटेरे हापुड़ में भी घटना को अंजाम देने वाले थे। लेकिन इन लुटेरों कि ये लूट कामयाब नहीं हो पाई और पुलिस ने इन लुटेरों को दबोच लिया। पुलिस का ये भी कहना है कि ये तीनों शातिर लुटेरे अब तक 50 से भी अधिक घटनाओं को अंजाम दे चुका है और इन लुटेरे के पास से तीन अवैध पिस्टल, एक लूटी हुई कार, हजारों की नगदी और चार पुलिस की वर्दी सहित हजारों रुपये की नगदी को बरामद किया है।

आपको बता दें कि हापुड़ के थाना हाफिजपुर पुलिस ने चार शातिर लुटेरे को गिरफ्तार किया है। ये चारों शातिर लुटेरे आसपास के यूपी सहित राज्यों में अब तक 50 से भी अधिक लूट की घटना को अंजाम दे चुके हैं। इन चारों में एक शातिर लुटेरा रंजीत निवासी पंजाब के पाटियाला इतना चालाक था कि वो फौजी और पुलिस की वर्दी में अपने साथियों के साथ पेट्रोल पम्प और हाईवे पर लूट किया करता था और 24 नवम्बर की रात को अमरोहा के रजबपुर में हुई कैबिनेट मंत्री के भांजे से लूट भी इसी शातिर लुटेरे ने अपने साथियों के साथ मिलकर की थी।

वहीं 26 नवम्बर के दिन भी कुछ ऐसा ही हुआ था। इन शातिर लुटेरों ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक हाफिजपुर थाना क्षेत्र के सोना पेट्रोल पम्प को लूटने की घटना को अंजाम देने वाले थे। लेकिन नेशनल हाईवे पर रात करीब 10 बजे किसी बात को लेकर इन सब लुटेरों में विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि इनमें आपस में ही गोलियां चल गई। जिसमें एक गोली शातिर लुटेरे रंजीत के हाथ में लग गई। लुटेरे के हाथ में गोली लगने से लुटेरे के साथी फरार हो गए। गोली चलने की सुचना पर पुलिस घटना स्थल पर पहुंच गई। 

शातिर लुटेरे रंजीत ने अपने आप को श्री नगर में तैनात फौजी बताया। शातिर लुटेरे ने पुलिस को बताया कि बदमाश उसके साथ लूट की और उसके हाथ में गोली मारकर फरार हो गए। रंजीत के हाथ में गोली लगी देख पुलिस ने उसको निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। पुलिस को शातिर रंजीत के पास से एक गाड़ी भी मिली, जिसमें से दो अवैध पिस्टल, एक कार, लाखों की नगदी और एक पुलिस की वर्दी भी बरामद हुई। साथ ही कुछ संदिग्ध वस्तुएं भी बरामद हुई। जिसके कारण पुलिस को शातिर रंजीत पर शक हुआ तो पुलिस ने जांच शुरू कर दी।

जांच में पता चला कि ये रंजीत कोई फौजी नहीं है बल्कि शातिर लुटेरा है। ये अपने साथियों के साथ मिलकर लूट किया करता है। अमरोहा में कैबिनेट मंत्री के भांजे से भी लूट इन्हीं लुटेरो ने की थी। वहीं इस मामले पर हापुड़ एएसपी रामनयन यादव ने बताया कि ये शातिर लुटेरा इतना चालाक था कि जब इसको पता चला कि यह पुलिस के हत्थे चढ़ गया है तो इस शातिर लुटेरे ने पुलिस से बचने के लिए मीडिया का सहारा भी लेना चाहा और मीडिया के कैमरे पर भी कहने लगा कि वो एक फौजी है। उसके साथ बदमाशों ने लूट कर ली है। विरोध करने पर उसके गोली भी मार दी है। लेकिन ये शातिर लुटेरा ये भूल गया था की श्रीनगर में इस नाम का कोई फौजी जवान नहीं है बल्कि वहां तो इस नाम का सिर्फ एक ही फौजी है जो बुजुर्ग है।
Show More
Rajkumar
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned