गाजियाबाद के दूधेश्वर मंदिर में कृष्ण जन्माष्टमी आज

गाजियाबाद के दूधेश्वर मंदिर में कृष्ण जन्माष्टमी आज

Iftekhar Ahmed | Publish: Sep, 03 2018 04:24:14 PM (IST) Ghaziabad, Uttar Pradesh, India

21 फुट ऊंची मटकी को लेकर लोगों में है गजब का जोश

गाजियाबाद. दुधेश्वरनाथ मठ मंदिर में कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव सोमवार 03 सितम्बर को मनाया जा रहा है। पिछले वर्षों के जैसे ही इस वर्ष भी इस महोत्सव में आकर्षण का केंद्र 21 फूट ऊंची मटकी फोड़ने का भी आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही शाम की आरती के बाद दिल्ली, मुम्बई सहित अन्य स्थानों से पधारे कलाकारों द्वारा भव्य नृत्य व झांकियों का आयोजन किया जाएगा। कृष्णा जन्माष्टमी को लेकर श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय मंत्री और दूधेश्वर पीठाधीश्वर श्रीमहंत नारायण गिरि ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है। इस विशेष दिवस को भगवान विष्णु के आठवें अवतार माने जाने वाले श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। यही कारण है कि इस पर्व को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के नाम से जाना जाता है। श्रीकृष्ण ने कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मध्यरात्रि को अत्याचारी कंस का विनाश करने के लिए मथुरा में जन्म लिया था। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्णा की प्रतिमा पर हल्दी, दही, घी, तेल, गुलाब जल, मक्खन, केसर, कपूर आदि चढ़ाकर पूजा करें। साथ ही व्रत की कथा को पढ़ने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।

यह भी पढ़ें- Krishna Janmashtami 2018 : इन गानों के बिना अधूरा सा लगता है जन्माष्टमी का त्योहार

हिंदू धर्म ग्रंथों में श्रीकृष्ण-जन्माष्टमी की रात्रि को मोहरात्रि कहा गया है। इस रात में श्रीकृष्ण का ध्यान, नाम अथवा मंत्र जाप करने से संसार की मोह-माया से मुक्ति मिलती है। जन्माष्टमी का व्रत अपने आप में व्रतराज है। इस एक व्रत को करने से सभी व्रतों का फल मिलता है। जन्माष्टमी का व्रत रोहिणी नक्षत्र में भी सिद्ध है। ज्योतिषियों के अनुसार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर अद्भुत संयोग बन रहा है। इस बार वैसा ही संयोग बन रहा है, जैसा द्वापर युग में उनके जन्म के समय बना था। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए खास तौर पर मंदिर समिति के अध्यक्ष धर्मपाल गर्ग, श्रृंगार सेवा समिति के अध्यक्ष विजय मित्तल, शम्भू शरण सिंह, शंकर झा, मोहित कुमार और दूधेश्वर गण के सभी सदस्य आदि उपस्थित रहेंगे।

खबरें और लेख पड़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते है । हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते है ।
OK
Ad Block is Banned