निकाय चुनाव में हार के बाद मायावती के खास बसपा नेता ने सांसद वीके सिंह और योगी सरकार पर लगाए ये आरोप

Rahul Chauhan

Publish: Dec, 07 2017 05:49:31 (IST)

Ghaziabad, Uttar Pradesh, India
निकाय चुनाव में हार के बाद मायावती के खास बसपा नेता ने सांसद वीके सिंह और योगी सरकार पर लगाए ये आरोप

बहुजन समाज पार्टी के नेता का दावा है कि बीस साल पुरानी सीट अगर भाजपा के हाथ से जाती तो डीएम को अपनी कुर्सी से हाथ धोना पड़ता।

गाजियाबाद। निकाय चुनाव सम्पन्न होने के बाद अब बसपा के नेता और मेयर प्रत्याशी के पति सतपाल चौधरी ने य़ोगी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए चुनाव को फिक्स बताया है। सतपाल चौधरी ने सांसद वीके सिंह की भूमिका को भी घेरे में लेते हुए कहा कि वो प्रोटोकाल तोड़कर मतगणना स्थल पर क्यों मौजूद थे। इसके अलावा चुनाव से एक दिन पहले क्यों गाजियाबाद की डीएम को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में तलब किया।

बहुजन समाज पार्टी के नेता का दावा है कि बीस साल पुरानी सीट अगर भाजपा के हाथ से जाती तो डीएम को अपनी कुर्सी से हाथ धोना पड़ता। सरकार ने साजिश करके बसपा मेयर प्रत्याशी को हराने का काम किया। जिला प्रशासन ने चुनाव में पार्टी की भूमिका निभाई, इसी के चलते 11 सवालों के जबाव बसपा नेता ने प्रशासन से मांगे हैं। इनमें एक वार्ड में शून्य वोट पड़े जाने का मामला भी उठाया गया है।

 

Satpal Chaudhary

सतपाल चौधरी ने एक बयान में कहा कि गाजियाबाद से बसपा की मेयर पद प्रत्याशी मुन्नी चौधरी को हराने के पीछे सोची-समझी साजिश थी। दलित-जाट और मुस्लिम गठजोड़ की वजह से भारतीय जनता पार्टी के लिए बसपा मेयर प्रत्याशी शुरू से ही आंख का कांटा बनी हुई थीं। भाजपा हाईकमान को भी ऐसी रिपोर्ट मिल रही थी कि बसपा प्रत्याशी मुन्नी चौधरी उनके उम्मीदवार पर भारी पड़ रही हैं। इसी वजह से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर जिला प्रशासन ने ईवीएम मशीनों को बदलने का काम किया।

बसपा नेता ने प्रशासन से पूछे ये सवाल
1- जहां बैलेट पेपर से चुनाव हुए वहां 73 जगहों पर भाजपा हारी और ईवीएम वाली जगह पर जीत मिली।

2- सुप्रीम कोर्ट ने निगम चुनावों में वीवीपैट मशीनों के बिना चुनाव न कराने के आदेश दिये थे तो फिर प्रशासन ने बिना ऐसी मशीनों को क्यों शामिल किया।

3- वार्ड संख्या-29 में मतदान स्थल-360 टेबिल संख्या-27 पर सभी प्रत्याशियों को शून्य मत प्राप्त हुए। इसका मतलब ये हुआ कि इस बूथ पर कोई वोट डालने नहीं आया।

4- बसपा मेयर प्रत्याशी मुन्नी चौधरी पहले और दूसरे राउंड में भाजपा की उम्मीदवार से आगे चल रहीं थीं। इसी दौरान डीएम रितु माहेश्वरी ने मतगणना स्थल का दौरा किया और मतगणना को डेढ़ घंटे तक रूकवा दिया गया।

5- मतगणना से एक दिन पहले जिलाधिकारी ऋतु माहेश्वरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ क्यों तलब किया।

6- केंद्रीय मंत्री वीके सिंह प्रोटोकाल का उल्लंघन करके मतगणना स्थल पर क्यों मौजूद थे।

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