शालीमार गार्डन के KA ब्लॉक में महिलाओं के साथ होती हैं ये घटनाएं, नहीं होती कोई सुनवाई-देखें वीडियो

शालीमार गार्डन के KA ब्लॉक में महिलाओं के साथ होती हैं ये घटनाएं, नहीं होती कोई सुनवाई-देखें वीडियो

Rahul Chauhan | Publish: Jan, 13 2018 05:46:45 PM (IST) | Updated: Jan, 13 2018 05:53:05 PM (IST) Ghaziabad, Uttar Pradesh, India

शालीमार गार्डन कालोनी गाजियाबाद शहर की पॉश कालोनी है। यहां के केए ब्लॉक में असामाजिक तत्व खुलेआम खोखे, पटरी या अपनी गाड़ी में बैठकर शराब पीते हैं।

गाजियाबाद: दिल्ली से सटे गाजियाबाद की पॉश कॉलोनी कहलाई जाने वाली शालीमार गार्डन के मेन केए ब्लॉक में कोणार्क पब्लिक स्कूल के पास एक शराब का ठेका है। जहां पर आए दिन कुछ असामाजिक तत्व खुलेआम खोखे, पटरी या अपनी गाड़ी में बैठकर शराब पीते हैं। इतना ही नहीं ये लोग उस रास्ते से निकलने वाली लड़कियों और महिलाओं पर छींटाकशी भी करते हैं। खास तौर से स्कूल के बच्चे इनसे बहुत ज्यादा प्रभावित होते हैं। स्कूल में पढ़ने वाली लड़कियां तो असामाजिक तत्वों से खासी परेशान हैं।

स्कूल में आने के लिए सभी छात्र-छात्राएं और स्कूल टीचर उसी रास्ते से निकल कर आते हैं, जहां पर यह शराब का ठेका है। कालोनी के बीचों-बीच ठेका है। ठेके के चारों तरफ काफी भीड़ वाला इलाका है। इस शराब ठेके से स्थानीय लोगों का जीना दुश्वार हो गया है। क्योंकि कालोनी की लड़कियों और महिलाओं का यहां से निकलना पूरी तरह से मुश्किल हो चुका है।

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कोणार्क पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल नीरज शर्मा ने बताया कि इस ठेके को हटाने के लिए कालोनी की आरडब्ल्यूए के सभी पदाधिकारी व स्थानीय निवासियों के साथ-साथ स्कूल के छात्र-छात्राएं और टीचर्स ने भी काफी प्रयास किए हैं। इसके लिए कई बार बड़े प्रदर्शन हो चुके हैं, लेकिन उसके बावजूद भी प्रशासनिक अधिकारी पूरी तरह नींद में सोए हैं।

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उन्होंने बताया कि उनके स्कूल में हर साल की अपेक्षा करीब 15% बच्चे कम हो गए हैं क्योंकि जब अभिभावक उनके स्कूल में एडमिशन कराने के लिए आते हैं और वहां का माहौल देखते हैं। तो वह वहां एडमिशन नहीं कराते हैं जिसके कारण इस वर्ष करीब 15% कम बच्चों ने एडमिशन लिया है। नीरज शर्मा के अलावा स्थानीय निवासी कालीचरण पहलवान ने भी बताया कि कई बार स्कूल की टीचर्स के साथ भी चेन स्नेचिंग हो चुकी है क्योंकि कुछ असामाजिक तत्व वहीं शराब पीते रहते हैं। साथ ही वहां से निकलने वाले लोगों की रेकी भी करते हैं।

जैसे ही वह महिलाओं व लड़कियों को अकेला देखते हैं तो उन्हें अपना निशाना बनाकर उनके साथ लूट की घटना को अंजाम देते हैं। उन्होंने बताया इसकी शिकायत भी शासन-प्रशासन से कई बार की जा चुकी है। बावजूद इसके इस तरफ किसी का भी ध्यान नहीं है। उन्होंने बताया कि यहां मोबाइल झपटने की घटनाएं तो आम हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि इन घटनाओं से खासतौर पर स्कूल के बच्चे काफी प्रभावित होते हैं क्योंकि जब वे वहां से लगातार निकलते हैं और उल्टी सीधी हरकत देखते हैं तो यह डर बना रहता है कि कहीं बच्चों को नशे की लत ना लग जाए।

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