लाइसेंस बनाने में बड़ा घोटाला, इस तरह बनाते थे फर्जी आर्म लाइसेंस

लाइसेंस बनाने में बड़ा घोटाला, इस तरह बनाते थे फर्जी आर्म लाइसेंस

Ashutosh Pathak | Updated: 18 Aug 2019, 10:14:50 AM (IST) Ghaziabad, Ghaziabad, Uttar Pradesh, India

  • फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाने वालों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
  • फर्जी लाइसेंस से हथियारों की करते थे खरीद-फरोख्त
  • पुलिस ने चारों आरोपियों को भेजा जेल

गाज़ियाबाद। गाज़ियाबाद की थाना कविनगर पुलिस ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवाकर हथियारों की खरीद फरोख्त करने वाले चार लोगों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से पुलिस ने हथियार भी बरामद कर लिए हैं। गिरफ्तार आरोपी फर्जी लाइसेंस लोगों का बनवाते थे और उस लाइसेंस के जरिए इन्होंने हथियार भी खरीद लिए थे।लेकिन इस मामले की पुलिस को मुखबिर द्वारा सूचना मिली थी। जिसके बाद से पुलिस ने अपना जाल बिछाते हुए इस पूरे गैंग का खुलासा करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार फर्जी कागजात तैयार कराने वाले इस गैंग का सरगना हरिशंकर अवस्थी और उसका सहयोगी सदानंद शर्मा निवासी शाहजहांपुर है। जो मौजूदा प्रधान भी है। इनके द्वारा जिलाधिकारी शाहजहांपुर के कार्यालय में नियुक्त संविदा कर्मी पवनेश वह श्याम बिहारी व अन्य कर्मियों से सांठगांठ कर ऑनलाइन यूनिक आईडी शस्त्र लाइसेंस ऊपर दर्ज करा कर अपराधियों व संगठित गिरोहों को सप्लाई किया जाता था।

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इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए गाजियाबाद के एसपी सिटी श्लोक कुमार ने बताया कि शाहजहांपुर के सेहरामऊ उत्तरी थाने के संबंधित शस्त्र लाइसेंस रजिस्टर वर्ष 2007 में गायब हो गया था। जिस के संबंध में फआईआर दर्ज कराई गई थी। उस समय के दस्तावेज उपस्थित न होने का फायदा उठाते हुए यह गैंग उसी दिनांक के फर्जी लाइसेंस बनाता था और उसे संविदा कर्मियों के साठगांठ से यूआईडी दिलवा देता था। उसके बाद वह अपने सही पते पर उक्त शस्त्र को दर्ज करवाते थे। उन्होंने बताया कि यह फर्जी शस्त्र लाइसेंस बना कर शस्त्र की खरीद-फरोख्त करते थे।

इतना ही नहीं घर बैठे बिना पुलिस की जांच व वरिष्ठ अधिकारियों के हस्ताक्षर के शस्त्र लाइसेंस पर फर्जी हस्ताक्षर बना देते थे और उस पर यूनिक आईडी जिलाधिकारी शाहजहांपुर के कार्यालय में संविदा पर नियुक्त कर्मचारी पवनेश , श्याम बिहारी की मिलीभगत से डलवा दिया करते थे। जिससे शस्त्र लाइसेंस असली ही लगे।

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उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले के खुलासे में पाया गया है कि एक शस्त्र लाइसेंस बनवाने में 5 से 10 लाख लिए जाते थे। जिसमे शस्त्र भी शामिल था। यानी यह गैंग शस्त्र का लाइसेंस बनवाने से लेकर उन्हें हथियार दिलवाने तक का पूरा ठेका लिया करता था। ग्राहकों की संतुष्टि के लिए शस्त्र लाइसेंस लेने का फार्म भरकर आधार कार्ड पैन कार्ड की फोटो कॉपी तथा फोटो ले लिया करते थे। शस्त्र लाइसेंस 15 दिन में बनवा कर देने की बात कहते हुए कुछ पैसे एडवांस में भी ले लिया करते थे। एसपी सिटी ने बताया कि सभी को गिरफ्तार किए गए सभी लोग गाजियाबाद के निवासी हैं। जिनके द्वारा जनपद शाहजहांपुर से फर्जी तरह से शस्त्र लाइसेंस बनवाया गया था। उन्होंने बताया कि सभी के पास से फर्जी कागज के आधार पर खरीदे गए हथियार भी बरामद कर लिए गए हैं। अभी गहनता से जांच की जा रही है कि इस पूरे मामले में कितने लोग और शामिल है उन्हें भी जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।

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