‘हेलो, मैं बोल रहा हूं’ और घर से गायब हो गए 10 लाख रुपये, देखें वीडियो

‘हेलो, मैं बोल रहा हूं’ और घर से गायब हो गए 10 लाख रुपये, देखें वीडियो

Rahul Chauhan | Updated: 25 Aug 2019, 06:06:27 PM (IST) Ghaziabad, Ghaziabad, Uttar Pradesh, India

खबर की मुख्य बातें-

-पुलिस ने गिरफ्तार किए गए चोरों के कब्जे से ₹1076000 और जरूरी कागजात भी बरामद कर लिए हैं

-वहीं इनके फरार साथी की तलाश की जा रही है

-पुलिस इन चोरों की तलाश में जुट गई थी

गाजियाबाद। जनपद की थाना सिहानी गेट पुलिस को एक बड़ी कामयाबी उस वक्त हासिल हुई। जब पुलिस ने 15 अगस्त रक्षाबंधन के दिन एक बंद मकान में बड़ी चोरी की घटना को अंजाम देने वाले दो शातिर चोरों को धर दबोचा। इस पूरी घटना क्रम में शामिल इनका एक अन्य साथी और भी है। जो अभी फरार चल रहा है। पुलिस का दावा है कि उसे भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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पुलिस ने गिरफ्तार किए गए चोरों के कब्जे से ₹1076000 और जरूरी कागजात भी बरामद कर लिए हैं। वहीं इनके फरार साथी की तलाश की जा रही है। इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए गाजियाबाद के एसपी श्लोक कुमार ने बताया कि पंकज नाम के एक शख्स अपने पूरे परिवार के साथ थाना सिहानी गेट इलाके की नेहरू नगर कॉलोनी में रहते हैं। 14 अगस्त 2019 पंकज अपने पूरे परिवार के साथ अपने गांव चले गए थे। इसी दौरान मौका पाते ही चोरों ने घर का ताला तोड़कर घर में रखें करीब तेरा लाख रुपए की नगदी और जेवरात चोरी कर लिए थे। जिसके बाद से पुलिस इन चोरों की तलाश में जुट गई थी।

इसके लिए एक विशेष टीम गठित कर दी गई थी। पुलिस अपना जाल बिछाते हुए इन चोरों तक जा पहुंची और इस बड़ी चोरी को अंजाम देने वाले विनोद पुत्र जोगिंदर सिंह गांव वंशावली जिला बुलंदशहर और रविंद्र पुत्र नीरज गांव वंशावली जिला बुलंदशहर को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से पुलिस ने चोरी किए हुए कुल 10 लाख 76 हजार रुपए के अलावा वह जरूरी कागजात भी बरामद कर लिए हैं, जिन्हें उस वक्त चोरी किया गया था।

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उन्होंने बताया कि इनका एक और अन्य साथी सोनू उर्फ कर्मवीर पुत्र रामवीर ग्राम वंशावली जिला बुलंदशहर फरार है। जिसकी तलाश जारी है। उसे भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जांच में पता चला कि विनोद पंकज के यहां ड्राइवर की नौकरी करता था, उसे पंकज के परिवार और जाने के बारे में पूरी जानकारी थी। उसने अपने ही गांव के रहने वाले दो दोस्त प्रवेंद्र और सोनू के साथ इस बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया। कुछ दिन पहले विनोद ने अपने ही साथी से फर्जी इनकम टैक्स अधिकारी बना कर फोन कर आया और इन रुपयों की जानकारी भी उसे उसी दौरान मिली। उसके बाद ही इसने इस चोरी की वारदात को अंजाम देने का षड्यंत्र रचना शुरू कर दिया था।

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