Mahashivratri: प्रसिद्ध दूधेश्वर नाथ मंदिर में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, लगी दो किलोमीटर लंबी कतारें

Highlights

- दूधेश्वर नाथ मंदिर में रात 12 बजे से ही लगनी शुरू हो गई श्रद्धालुओं की कतारें

- कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच श्रद्धालुओं ने किया भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक

- रावण के पिता ने की थी दूधेश्वर नाथ मंदिर की स्थापना

By: lokesh verma

Published: 11 Mar 2021, 11:23 AM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
गाजियाबाद. महाशिवरात्रि के पर्व पर प्रसिद्ध भगवान दूधेश्वर नाथ मंदिर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। बता दें कि दूधेश्वर नाथ मंदिर में बड़ी संख्या में शिव भक्तों की भीड़ बुधवार रात 12 बजे से ही लगनी शुरू हो गई थी। शिव भक्तों अपनी बारी का इंतजार करने के लिए कतार में खड़े हो गए और दिन निकलते ही करीब दो किलोमीटर लंबी कतार दिखाई देने लगी। एक कतार में पुरुष शिवभक्त दिखाई दिए तो वहीं दूसरी कतार में महिलाएं नजर आईं। सभी शिव भक्त विधि विधान से भगवान भोलेनाथ पर जलाभिषेक किया। वहीं, सुरक्षा की दृष्टि से मंदिर परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। इसके अलावा मंदिर परिसर के साथ मैन रोड पर लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से पैनी नजर रखी जा रही है।

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आपको बताते चलें कि गाजियाबाद में भगवान भोलेनाथ का यह प्राचीन मंदिर है। बताया जाता है कि इस मंदिर की स्थापना रावण के पिता विश्वेश्वर द्वारा की गई थी और दशानन रावण ने भी अपना पहला सिर यहीं पर भगवान शिव को अर्पित किया था। माना जाता है कि तभी से भगवान भोलेनाथ के इस मंदिर की बेहद मान्यता है, जो भी भक्त अपनी कोई भी मनोकामना लेकर मंदिर में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करता है। भगवान उसकी सभी मनोकामना पूरी करते हैं। खास तौर पर शिवरात्रि के पर्व पर यहां बड़ी संख्या में शिवभक्त मन्दिर पहुंचते हैं। उसी श्रद्धा भाव से आज भी मंदिर में बड़ी संख्या में शिवभक्त पहुंच रहे हैं।

मंदिर के महंत नारायण गिरी महाराज ने बताया कि इस बार शिवरात्रि पर सर्वार्थ सिद्धि योग बना हुआ है और इस दौरान भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करना और जलाभिषेक करना बेहद शुभ है। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में शिव भक्त मदिर पहुंच रहे हैं। सुरक्षा की दृष्टि से भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इसके अलावा कोविड-19 से बचाव किए जाने के उद्देश्य से भी तमाम तरह के उपाय यहां किए गए हैं। देर रात से ही भगवान भोलेनाथ पर जलाभिषेक शुरू हो गया है।

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