डॉक्टर और टीचर को इन लोगों से मिले थे 15 लाख के नए नोट

डॉक्टर और टीचर को इन लोगों से मिले थे 15 लाख के नए नोट
2000 Note

sandeep tomar | Publish: Dec, 10 2016 08:25:00 PM (IST) Ghaziabad, Uttar Pradesh, India

पुलिस ने टीचर और डॉक्टर को कुल 27.53 लाख के कैश के साथ पकड़ा था जिसमें 15 लाख रुपए नई करेंसी के नोट थे

गाजिय़ाबाद। शुक्रवार रात कौशांबी से पकड़े गए 27.53 लाख के कैश के मामले में परत दर परत कई खुलासे होते जा रहे हैं। नोटबंदी में कैश की किल्लत के बीच ऐसे कई तथ्य अब जांच एजेंसियों के सामने आ रहे हैं जो बता रहे हैं कि योजना को किस तरीके से पलीता लगाया जा रहा है। दरअसल प्राथमिक जांच में इनकम टैक्स, ईडी और पुलिस को पता चला है कि करेंसी को हापुड़ के आढ़तियों ने नई नोट में बदल कर दिया। इसके एवज में 25 से 30 प्रतिशत का कमीशन लिया गया थ्सस। एजेंसी अब बैंक मैनेजर और करेंसी एक्सचेंज से जुड़े लोगों की जांच कर रही है।

एक दिन में 50 हजार की लिमिट

पीएम मोदी ने नोटबंदी के दौर में किसानों को राहत देने के लिए आढ़तियों को एक दिन के भीतर 50 हजार रुपये की रकम निकालने की छूट दी है। इसके लिए माना गया कि मंडी में रोजाना किसाना आता है और उसे ट्रांजेक्शन करने के लिए रुपयों की जरुरत होती है। लेकिन अब आढ़ती इसका फायदा करेंसी एक्सचेंज में ले रहे हैं।

कैश के लिए भी नहीं है कोई सबूत

लवदीप फिजियोथैरेपिस्ट है और अमित कोचिंग सेंटर संचालक। दोनों ओला कैब से 27.53 लाख रुपये लेकर गाजियाबाद आ रहे थे। पुलिस सूत्रों की मानें तो कैश को लेकर अभी तक कोई पुख्ता सबूत टीचर और फिजियोथैरेपिस्ट की तरफ से नहीं मिला है। इसके बाद में रुपयों के मालिकाना हक को लेकर शक और भी गहरा गया है।

रिसच सेंटर के लिए इस्तेमाल होना है रूपया

फिजियोथैरेपिस्ट डा. लवदीप ने बताया कि वह हेल्थ एजुकेशन रिसर्च काउंसिल नाम की एक संस्था में रजिस्ट्रार है। यह संस्था हेल्थ के क्षेत्र में तकनीक को बढ़ावा देने का काम करती है। रुपये कई मेडिकल कॉलेजों की ओर से फीस के रूप में जमा कराए गए हैं। संस्था की सदस्यता लेने के लिए फीस जमा करानी होती है। इसी के लिए ये रकम ले जाई जा रही थी।

बैंक की नहीं हाथों से बनाई गई है नए नोटों की गड़्डी


सीओ इंदिरापुरम के मुताबिक नोटों की गिनती के दौरान एक महत्वपूर्ण बात यह सामने आई की 2000 के नोट बैंक से निकली फ्रैश गड्डियों के नहीं है। बल्कि अलग-अलग जगहों से इकट्ठे कर उनकी गड्डियां बनाई गईं है। ऐसी भी संभावना है कि मजदूरों को लाइन में लगाकर उनसे इकट्ठा किया गया हैं। जांच में यह बात साबित होती है तो दोनों युवकों की मुश्किल बढ़ सकती हैं।
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