भाजपा गठबंधन में लौटना चाहते हैं ओम प्रकाश राजभर, कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर का दावा

  • मंच से कहा भाजपा नेताओं के पास आती है सिफारिश
  • ओवैसी के साथ गठबंधन पर भी ओम प्रकाश राजभर पर साधा निशाना
  • गाजीपुर में भाजपा के एक कार्यक्रम में बोले कैबिनेट मिनिस्टर अनिल राजभर

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

गाजीपुर. यूपी की योगी सरकार के कै मंत्री अनिल राजभर ने ओम प्रकाश राजभर पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया है कि वो ओम प्रकाश राजभर एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन में आना चाहते हैं। वो इसके लिये सिफारिश कर रहे हैं।उन्होंने मंच से कहा कि ऐसा कोई दिन नहीं बीतता जब मनोज सिन्हा जी (गवर्नर जे एंड के), डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा, मुझे और हमारे बड़े-बड़े नेतओं के पास वापसी की सिफारिश न आती हो। वो माफी मांगने तक को तैयार हैं। मंच से कुछ और भाषण देते हैं और आड़े-आड़े कहते हैं कि गलती हो गई। एक बार तो भाजपा और अमित शाह का आशीर्वाद था कि एक बार हल्दी लग गई, दोबारा ऐसा नहीं होने दूंगा। अनिल राजभर गाजीपुर में भारतीय जनता पार्टी की ओर से आयोजित महाराजा सुहेलदेव चेतना सम्मान कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। यहां उनके निशाने पर सिर्फ पूर्व मंत्री ओम प्रकाश राजभर और उनकी पार्टी सुहेलदेव समाज पार्टी रही।


गाजी के खून खानदान से गठबंधन

अनिल राजभर ने निशाना साधते हुए कहा कि इसके पहले उन्होंने कौमी एकता दल से गठबंधन किया था। मुख्तार अंसारी, अफजाल अंसारी से गठबंधन किया था अब ओवैसी से मिल रहे हैं। महाराजा सुहेलदेव ने जिस सैय्यद सालार गाजी से लड़ााई लड़ी आज उन्हीं के खून खानदान से ये गठबंधन कर रहे हैं।


ओवैसी से कराएं सुहेलदेव की प्रतिमा का माल्यार्पण

कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि ओवैसी का डर दिखाया जा रहा है। चैलेंज दिया कि क्या आप ओवैसी से बहराइच में महाराजा सुहेलदेव की प्रतिमा का माल्यार्पण और सम्मान करवा सकते हैं। भाजपा में जो मुसलमान नेता हैं उनसे जब चाहें जिस दिन चाहें मैं नकवी साहब से और शाहनवाज हुसैन से बहराइच में सहुेलदेव की प्रतिमा का सम्मान करवा सकता हूं।


ट्रैक्टर रैली हिंसा पर कहा, ये किसान नहीं देशद्रोही आतंकवादी

अनिल राजभर ने मीडिया से 26 जनवरी को किसान आंदोलन की ट्रैक्टर रैली में हुई हिंसा पर कहा कि ये किसान नेता नहीं देश द्रोही और आतंकवादी हैं। जो लालकिला पर चढ़कर और तिरंगे का अपमान करे वो किसान हो ही नहीं सकता। जिस आंदोलन के बीच से खालिस्तान जिंदाबाद और पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा लगता हो वो किसान कैसे हो सकते हैं। ये कौन सा आंदोलन है, ये किसान हैं ही नहीं दरअसल। ऐसे लोगों के खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मुकदमा होना चाहिये तिरंगे के अपमान के लिये। इन्हें कोई सहूलियत देने लायक नहीं।

By Alok Tripathi

रफतउद्दीन फरीद
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