बाहुबली बृजेश सिंह और त्रिभुवन सिंह को बड़ी राहत, इस बहुचर्चित मामले में कोर्ट ने किया बरी

अफजाल अंसारी के काफिले पर एक गैंग ने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी, इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई थी

By: Akhilesh Tripathi

Updated: 24 Jul 2018, 04:09 PM IST

गाजीपुर. बहुचर्चित कुंडेसर चट्टी कांड में गाजीपुर की अदालत ने बाहुबली बृजेश सिंह और त्रिभुवन सिंह को मंगलवार को बरी कर दिया। एडीजे सेकेंड की कोर्ट ने बाहुबली एमएलसी बृजेश सिंह और त्रिभुवन सिंह को मामले में दोषमुक्त करार दिया। साल 1991 में हुए इस बहुचर्चित कांड में अफजाल अंसारी के काफिले पर एक गैंग ने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी, इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग फायरिंग में घायल हो गये थे।

इस मामले में बृजेश सिंह, त्रिभुवन सिंह के खिलाफ भांवरकोल थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। इस केस के जगरनाथ सिंह मुख्य गवाह थे। जिनकी मृत्यु हो गयी है। इस मामले में कई अन्य गवाह भी मुकर गए थे। बृजेश की तरफ से बचाव पक्ष ने वारदात के समय उन्हें नाबालिग बताया था। आठवीं और हाईस्कूल के प्रमाणपत्र से इसे साबित करने की कोशिश भी की गयी थी।

 

यह भी पढ़ें :

बाहुबली मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास ने मुन्ना बजरंगी की हत्या पर दिया यह जवाब

मंगलवार को फैसले की सुनवाई के दौरान बाहुबली एमएलसी बृजेश सिंह और त्रिभुवन मौजूद रहे। जेल ही अभियुक्तों के शिनाख्त की कार्रवाई वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये हुई। 27 साल बाद आये फैसले से बृजेश खेमे में ख़ुशी की लहर दौड़ गई, वहीं विरोधी खेमे में निराशा है।

 

यह भी पढ़ें :

मुन्ना बजरंगी की मौत के बाद सामने आया सबसे बड़ा सच, जेल से बाहर आने के बाद भी नहीं लड़ सकता था चुनाव

 

यह है पूरा मामला

2 मई 1991 को अफजाल अंसारी चुनाव प्रचार कर करीब 9:30 बजे रात को मुहम्मदाबाद वापस लौट रहे थे कि कुंडेसर चट्टी पर उनकी जीप खराब हो गयी वह पानी लेने के लिए उतरे, तभी पीछे से आ रही मारूति कार में सवार पांच लोगों ने स्वचालित असलहों से जीप पर गोलियों को बौछार कर दी। जिससे घटना स्थल पर सुरेंद्र राय, कमला सिंह व झिंगुरी गुप्‍ता की मौत हो गयी व कामेश्वर राय, दीनानाथ राय व कैप्टन जगरनाथ गंभीर रुप से घायल हो गये। पुलिस मुकदमा दर्ज कर घटना की छानबीन में लग गयी। करीब एक महीना चार दिन बाद तफ्तीश के दौरान माफिया डान बृजेश सिंह व त्रिभुवन सिंह आदि को इस हत्याकांड में मुल्जिम बनाया। इलाज के दौरान रामेश्वर राय की मौत हो गयी। 27 वर्ष अदालत की कार्रवाई के बाद मंगलवार को अपर सत्र न्यायाधीश ने साक्ष्य के अभाव में बृजेश सिंह व त्रिभुवन सिंह को दोष मुक्त कर दिया।

 

BY- ALOK TRIPATHI

 

 

 

 

 

 

 

Show More
Akhilesh Tripathi
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned