गंगा के बाद बेसो नदी का कहर, तेज धार से टूटी सड़क, भारी वाहनों का आवागमन ठप

गंगा के बाद बेसो नदी का कहर, तेज धार से टूटी सड़क, भारी वाहनों का आवागमन ठप
बेसो नदी

Akhilesh Kumar Tripathi | Updated: 12 Oct 2019, 05:14:49 PM (IST) Ghazipur, Ghazipur, Uttar Pradesh, India

शुक्रवार को बेसो नदी की तेज धार की चपेट में आने से सड़क सहित पुलिया भी कट गई थी ।

गाजीपुर. गंगा के बाद यूपी के गाजीपुर में अब छोटी नदियों का कहर देखने को मिल रहा है । बेसो नदी की तेज धार ने जिले में तबाही मचा रखी है । नदी की तेज धार के कारण जनपद की दर्जनों सड़कें कट चुकी है या खराब हो चुकी है। एक दिन पहले ही बेसो नदी की तेज धारा से करोड़ों रुपए की लागत से बनाई गई गाजीपुर से बिहार और बलिया को जोड़ने वाली बाईपास पुल का मार्ग कट कर बह चुका है। जिसके चलते बिहार और बलिया से आने जाने वाले बड़े वाहनों को दूसरे रास्तों से लंबी दूरी की यात्रा कर जिला मुख्यालय पहुंचना पड़ रहा है।

गाजीपुर जिला मुख्यालय को जोड़ने वाली बेसो नदी पर बना पुल एन एच 31 है, जो कठवा मोड़ से पहले बना हुआ है। जो अब जर्जर हालत में है। पुल की जर्जरता को देखते हुए बड़े वाहनों पर रोक लगा दी गई थी। पुल पर बड़े वाहनों के रोक लगने के बाद पुल के पास ही करोड़ों रूपये की लागत से वैकल्पिक पुल का निर्माण कराया गया था, लेकिन बेसो नदी में आई बाढ़ की वजह से भारी वाहनों के आने जाने पर रोक लगा दी गई थी। शुक्रवार को बेसो नदी की तेज धार की चपेट में आने से सड़क सहित पुलिया भी कट गई थी।

बता दें कि गाजीपुर में पिछले दिनों गंगा सहित तमाम नदियों में बाढ़ की विभीषिका देखने को मिली थी, इसकी चपेट में आकर कई लोग बेघर हो गए थे। नदियों के जलस्तर में कमी होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन दूसरी ओर सहायक नदी बेसो ने एक बार फिर लोगों को डरा दिया है । गाजीपुर के अटवा मोड़ के पास बेसो नदी पर एक पुलिया बना हुआ था जो साल 15-16 में क्रेक हो गया था / जिसकी वजह से उस पर बड़े वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दिया गया था। इन बड़े वाहनों के लिए पुलिया के बगल में बेसो में जलस्तर कम होने की वजह से करोड़ों रुपए की लागत से करीब 600 मीटर लंबे एक बाईपास सड़क का निर्माण कराकर बिहार और बलिया से आने वाले बड़े वाहनों के लिए बनाया गया था। लेकिन यह सड़क बेसो नदी के तेज धारा में बह चुकी है जिसके चलते अब बिहार और बलिया से आने वाले बड़े वाहनों के लिए गंभीर संकट बन चुका है। वहीं इस संबंध में जिला अधिकारी के बालाजी ने बताया कि बारिश और बाढ़ का पानी कम होते ही निर्माणदायी संस्थाओं से इन सड़कों का निर्माण कराया जाएगा ।

BY- ALOK TRIPATHI

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