सिपाही की मौत: ADG बोले दोषियों को ऐसी सजा दी जाएगी कि वर्दी पर हाथ उठाने वाले सौ बार सोचेंगे

पीएम मोदी की सभा के बाद लौट रहे पुलिस कर्मियों पर पथराव में सुरेश प्रताप वत्स की मौत के बाद, अब तक 11 लोग हुए गिरफ्तार। हत्या का दर्ज हुआ मुकदमा, मुख्य अभियुक्त पर लगेगा NSA

 

गाजीपुर . यूपी के गाजीपुर में शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैली के बाद लौटे पुलिस कर्मियों पर पथराव में एक सिपाही की मौत के बाद गाजीपुर पहुंचे ADG वाराणसी जोन ने कहा है कि दोषियों को ऐसी सजा दी जाएगी कि आगे वर्दी पर हाथ उठाने वाले 100 बार सोचेंगे। उन्होंने मीडिया को बताया कि बवाल और सिपाही की मौत के बाद अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 302 समेत धाराओं में मुकदजा दर्ज कर कर्रवाई की जा रही है। कहा कि मुख्य अभियुक्त जो पूरे आयोजन के पीछे है उसके खिलाफ हम NSA के तहत कार्रवाई करेंगे।

 

 

 

मारे गए सिपाही सुरेश प्रताप वत्स के पोस्टमार्टम के बाद ADG वाराणसी जोन पीवी रामाशास्त्री ने सारे बवाल की जड़ निषाद पार्टी के धरने-प्रदर्शन को बताया। उन्होंने कहा कि इसकी न तो इजाजत ली गयी थी और न ही पुलिस को किसी तरह की सूचना दी गयी थी। सुबह जब पार्टी के लोग विभिन्न जगहों पर आरक्षण की मांग को लेकर धरना देने जुटे तो पुलिस उन्हें हटाकर जाम समाप्त कराने गयी तो कुछ लोग तो हट गए। जो नहीं हटे ऐसे नौ लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया।

 

दोपहर बाद नोनहरा थानाक्षेत्र के अटवा मोड़ पर फिर पार्टी के 100 से 150 लोग जुटे और सड़क जाम कर धरना देने लगे। पता चलने पर जब पुलिस जाम खुलवाने की कोशिश कर रही थी इसी दौरान पथराव और गाड़ियों में तोड़फोड़ होने लगी, जिसमें हमारा जाबांज सिपाही शहीद हो गया। इस मामले में फिलहाल 11 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। उनसे पूछताछ और सबूतों के आधार पर और गिरफ्तारियां जल्द की जाएंगी। किन पदाधिकारियों ने इसका आयोजन किया था, जल्द ही उनके नाम सामने आएंगे और कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में अब तक एक मर्डर व तीन जाम की एफआईआर दर्ज की गयी हैं। विवेचना में ओर सबूत मिलने पर इसमें धाराएं बढ़ायी जाएंगी। पुलिस पर हमला क्यों हुआ हम इसके सबूत और मौखिक साक्ष्य जुटा रहे हैं। बवाल के बाद कहीं पार्टी के लोग टारगेट तो नहीं किये जाएंगे, इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि किसी को डरने की जरूरत नहीं जो दोषी होंगे उन्हीं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

 

सब निषाद पार्टी के धरना प्रदर्शन के चलते ही हुआ है। सुबह प्रदर्शन कर रहे लोगों को हटाया गया था। ये दोबारा लौटे और धरना-प्रदर्शन किया, जिसके बाद बवाल, पथराव और तोड़फोड़ हुई, जिसमें घायल हेड कांस्टेबल सुरेश प्रताप वत्स की मौत हो गयी। बताया कि मौत एंटीमॉर्टम हेड इंजरी से हुई है यह साफ हो चुका है। पुलिसिया कार्रवाई में कसि तरह की लापरवाही की बात को उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया। कहा कि सीनियर लेबल पर लगातार नजर रखी जा रही थी। ऐसी स्थिति में पुलिस की प्राथमिकता जाम खुलवाने की होती है ताकि जनता को कोई दिक्कत न हो। हमारे सीनियर अधिकारी ऐसे मौकों पर खुद जाकर डटे रहते हैं, इसलिये जनता को डरने की कोई जरूरत नहीं।

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रफतउद्दीन फरीद
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