गेंहू क्रय केंद्र: ना बोरा ना पैसा, नहीं हो रही खरीदारी

त्रस्त होते हुए भी अपनी टीस से विभागीय अधिकारियों को अवगत नहीं करा पा रहे लोग

By: Abhishek Srivastava

Published: 25 Apr 2018, 09:48 PM IST

गाजीपुर. किसान एक तरफ जहां प्राकृतिक आपदा से परेशान है, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक व्यवस्था से भी त्रस्त है। किसानों की आय दोगुनी करने का दावा करने वाली सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य बढ़ा तो दिया, लेकिन गेहूं क्रय केंद्रों पर बोरा उपलब्ध नहीं होने के कारण किसान बिचौलियों के चंगुल में फंसने को विवश हैं। किसान परेशान हैं और अधिकारी मस्त।

जी हां, यह तस्वीर है उस जनपद की जहां के दो-दो निवासी केंद्र की मोदी सरकार में मंत्री हैं। कहने को तो किसानों से उनकी उपज सीधे खरीदने के लिए जनपद में गेहूं क्रय केंद्र खोले गए हैं, लेकिन क्रय केंद्रों पर किसानों का कितना गेहूं खरीदा जा रहा है इसकी बानगी भांवर कोल ब्लॉक के मुडेरा बुजुर्ग स्थित गेहूं क्रय केंद्र पर देखने को मिला। केंद्र पर कर्मचारी तो हैं, लेकिन गेहूं खरीदने के लिए सबसे आवश्यक बोरे नहीं। इतना ही नहीं क्रय केंद्र पर तैनात कर्मचारी गेहूं लेकर क्रय केंद्र पहुंचने वाले किसानों को रूपये ना होने का हवाला देकर भी लौटा दे रहे हैं। यह हाल सिर्फ एक क्रय केंद्र का नहीं है, बल्कि ऐसे दर्जनों क्रय केंद्र हैं जहां पर किसान अपना अनाज लेकर तो जा रहे हैं लेकिन उनका गेहूं खरीदा नहीं जा रहा।


जिला विपणन अधिकारी का नंबर भी गलत अंकित

केंद्रों पर शासन के निर्देशानुसार जिला विपणन अधिकारी का मोबाइल नंबर तो अंकित किया गया है, लेकिन वह भी गलत। जिसकी वजह से किसान क्रय केंद्र पर गड़बड़ियों की शिकायत भी नहीं कर पा रहे। जिला विपणन अधिकारी के अंकित नंबर पर संपर्क करने की कोशिश करते भी हैं तब या तो फोन नहीं लगता, अन्यथा लगता भी है तो कोई सामान्य नागरिक ही कॉल रिसीव करता है। इस कारण बदहाली एवं क्रय केंद्रों पर तैनात कर्मचारियों की मनमानी से त्रस्त होते हुए भी अपनी टीस से विभागीय अधिकारियों को अवगत नहीं करा पा रहा।


बिचौलिए उठा रहे फायदा, कर रहे शोषण

गेहूं क्रय केंद्रों पर व्याप्त अव्यवस्था के पीछे शासन-प्रशासन की उदासीनता है अथवा कमीशन का खेल, कारण चाहे जो भी हो लेकिन हकीकत यही है कि अन्नदाता परेशान है। अपने खून-पसीने से सींचकर आंखों में उम्मीदों की किरण लिए जिस फसल की ओर देख-देखकर जो सपने बुने, वह फसल तैयार होने के बाद क्रय केंद्र पहुंच टूटने लगे हैं। जिसका पूरा फायदा बिचौलिए उठा रहे हैं।

इस संबंध में क्षेत्रीय विपणन अधिकारी संजय गौतम ने कहा कि जिले में बोरे की लाट आ चुकी है, जिसे जल्द ही केंद्रों पर पहुंचा दिया जाएगा। गेहूं खरीद में व्यवधान नहीं आने दिया जाएगा। जिन केंद्रों पर मेरा मोबाइल नंबर गलत अंकित है, वहां तत्काल सही नंबर अंकित कराया जाएगा।

 

By: Alok Tripathi

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