फ्लाई ओवर हादसा: मरने से ठीक पहले संजय ने पत्नी से फोन पर कही थी कुछ ऐसी बात, सुनकर रो देंगे

वाराणसी फ्लाई ओवर हादसे में गाजीपुर के एक ही परिवार के तीन लोगों व एक ड्राइवर की हुई मौत।

गाजीपुर. यूपी के वाराणसी में फ्लाई ओवर की बीम गिरने से हुए हादसे में गाजीपुर के एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गयी। पिता अपने कैंसर पीड़ित बेटे का इलाज कराने वाराणसी आये थे और साथ में एक और बेटा भी था। वो लोग वापस जा ही रहे थे कि अचानक लहरतारा कैंसर अस्पताल से निकलते ही थोड़ी दूर पर हुए हादसे के वह शिकार हो गए। उन तीनों के साथ ही बोलेरो चला रहे ड्राइवर की भी मौत हो गई, जो अपने घर में अकेला कमाने वाला था।

 

 

ये है पूरी कहानी
गाजीपुर जिले के नंदगंज थानाक्षेत्र के सहेड़ी गांव निवासी खुशहाल राम शिक्षक के पद से रिटायर हुए थे। एक पुत्र शिवबचन राम सिंचाई विभाग में कार्यरत थे। दूसरे पुत्र संजय राम को कैंसर था, जिनका इलाज लहरतारा स्थित कैंसर संस्थान में चल रहा था। वह बेटे की कीमो थेरेपी के लिये वाराणसी आते थे। मंगलवार को भी वह कीमो थेरेपी के लिये वाराणसी आए थे। बोलेरो घर की थी, मुड़वल गांव के लठवा पुरा निवासी वीरेन्द्र यादव गाड़ी चला रहे थे। शाम को ये लोग कैंसर संस्थान से कीमो थेरेपी कराने के बाद घर वापस लौट रहे थे। बोलेरो अभी संस्थान से निकलकर सड़क पर आयी थी कि निर्माणाधीन फ्लाई ओवर के उसी हिस्से के नीचे जाम में फंस गयी। जाम छूट पाता इसके पहले ही अचानक फ्लाई ओवर की टनों वजनी बीम ढह गयी और इसके नीचे उनकी गाड़ी भी दब गयी, जिसमें चारों की मौत हो गयी।


खबर मिलते ही घर पर मचा कोहराम
जब राहत और बचाव के बाद बोलेरो निकाली गयी तो उसमें मिले मोबाइल पर फोन किया गया। हादसे की जानकारी देकर बताया गया कि चारों लोग अब नहीं रहे। इतना सुनने के बाद तो मृतक शिवबचन राम के परिवार में कोहराम मच गया। हर तरफ करुण क्रंदन सुनायी देने लगा। संजय और शिवबचन राम की पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल था। 10 साल का उनका बेटा भी पिता की मौत के सदमें में था।


मौत के पहले कहा था घर आकर गर्म खाना खाउंगा
मृतक संजय राम की पत्नी सरोज ने रोते-रोते बताया कि हादसे के ठीक पहले ही उनकी अपने पति से फोन पर बात हुई थी। उन्होंने फोन कर पति से रात के खाने के बारे में पूछा था कि क्या बनाउं। पत्नी ने बताया कि संजय ने उन्हें कहा था कि अभी कुछ मत बनाइये। घर आने के बाद बनाइयेगा, हम सब गर्म खाना खाएंगे। इसके बाद वह भोजन की तैयारी कर पति के आने का इंतजार करने लगीं। कुछ घंटे बीत जाने के बाद भी वो लोग नहीं आए तो कुछ बेचैन हुईं। अभी वह दोबारा फोन करने की सोच ही रही थीं कि अचानक फोन आया और उन्हें हादसे की खबर मिली।


बेटा बोला, हादसे के लिये सरकार दोषी
संजय राम के बेटे ने बताया कि जब भी पिता जी इलाज के लिये वाराणसी जाते वह कुछ न कुछ उसके लिये जरूर लाते। इस बार भी उसे उम्मीद थी कि बनारस से उसके लिये मिठाई वगैरह कुछ लेकर आएंगे। उसने बताया कि किसी दूसरे के फोन पर कॉल आइ और हादसे की जानकारी दी गयी। उससे पूछा गया कि वह हादसे का जिम्मेदार किसे मानता है तो उसने साफ कहा कि सरकार को।
By Alok Tripathi

रफतउद्दीन फरीद
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