कानूनगो की पिटाई मामले में अब तक नहीं हुई कार्रवाई, मंत्री के प्रतिनिधि पर पिटाई का आरोप

 कानूनगो की पिटाई मामले में अब तक नहीं हुई कार्रवाई, मंत्री के प्रतिनिधि पर पिटाई का आरोप
Government employee beaten

एससी एसटी के तहत दर्ज किया गया है मुकदमा, आरोपियों की अब तक नहीं हो पाई है गिरफ्तारी

गाजीपुर. सीएम योगी एक तरफ पार्टी से जुड़े संगठनों की गुंडागर्दी से परेशान है तो दूसरी तरफ सहयोगी पार्टियां भी उनकी समस्या बढ़ाने में जुटे हैं। ताजा मामला गाजीपुर का है जहां कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के भाई तथा प्रतिनिधि ने जमीन पैमाइश करने के लिए गए कानूनगो को पीट दिया। वारदात का शर्मनाक पहलू यह भी रहा कि तहरीर दिये जाने के कई दिनों के बाद भी पुलिस ने अब तक रिपोर्ट नहीं दर्ज की और मामले को रफा दफा करने में जुटी रही। वहीं मामला मीडिया मे आने के बाद मंगलवार देर शाम सरकारी काम मे बाधा डालना मारपीट एससी एसटी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।


जहूराबाद परगना के सहज रामपुर गांव में एक भूमि की नापी की खातिर सीएम के यहां से आदेश आया था। डीएम संजय कुमार खत्री ने जमीन की पैमाइश कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था। इसके अनुपालन में 14 जून को चकबंदी कानूनगो बालचंद रामए लेखपाल प्रदीप कुमार और एसीओ राम मिलन यादव गांव के चक संख्या 127 के प्रस्तावित गाटा संख्या 91 की पैमाइश करने के लिए शाम चार बजे पहुंच गये। इसकी भनक मिलने के साथ बड़ी संख्या में लोगों ने राजस्वकर्मियों को घेर लिया।


पीड़ित राजस्वकर्मी का कहना है कि जैसे ही पैमाइश शुरू की इससे सटे गाटा संख्या 89 और 90 के स्वामी भासपा जिलाध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री प्रतिनिधि रामजी राजभर और मंत्री के भाई राजनेत राजभर पैमाइश रोकने को कहने लगे। इसी बात को लेकर पैमाइश करने आई राजस्व कर्मियों की टीम के सदस्यों और दोनों काश्तकारों में कहासुनी होने लगी। मंत्री की धौंस देने के बादजूद राजस्वकर्मियों को न रुकता देख मंत्री प्रतिनिधि और उनके भाई ने गाली गलौज के साथ मारपीट शुरू कर दी। मारपीट के चलते पैमाइश नहीं हो सकी और टीम के अन्य अधिकारी.कर्मचारी आतंकित होकर भाग निकले। कानूनगो ने तहरीर में लिखा है कि दलित जाति सूचक शब्दों से गाली देते हुए मुझे मारा पीटा गया है।

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वहीं कई दिन तक मंत्री प्रतिनिधि के द्वारा दबाव बनाये जाने के चलते मुकदमा दर्ज नही हो पाया। लेकिन जब जिलाधिकारी ने इस मामले को गंभीरता से लिया तो मंगलवार देर शाम मुकदमा दर्ज किया गया। वही इस मामले पर जिलाधिकारी ने नामजद अभियुक्तों की तत्काल गिरफ्तारी की बात कही।





अपने ऊपर मुकदमा होते देख मंत्री प्रतिनिधि ने बुधवार को जिलाधिकारी पर दबाव बनाने के लिये सैकड़ों ग्रामीणों के साथ जिला मुख्यालय पर पहुंच जिलाधिकारी पर दबाव बनाने का काम किया और जखनिया विधायक के साथ कानूनगो और राजस्व टीम पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा कर उन्हे पद से हटाने का पत्रक सौंपा।


सरकार जहां गुण्डागर्दी कम करने की बात कह रही है, वहीं मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने 11 मई को कासिमाबाद मे मंच से बयान देते हुए कहां था की भाजपा या भासपा के कार्यकर्ता और नेता गलत काम की पैरवी करने थाने जाये तो उन्हे दस दस लाठी मारो। वही उन्हीं के प्रतिनिघि के द्वारा सरकारी कर्मियो को सरकारी काम के दौरान मारे जाने की घटना कही ना कही इनकी दोहरी राजनीति की बात भी उजागर कर रही है।

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