पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा, महिला की नहीं निकाली गयी थी किडनी

  पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा, महिला की नहीं निकाली गयी थी किडनी
Women death Case

डीएम संजय कुमार खत्री के आदेश पर तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम

गाजीपुर. जंगीपुर के सहादतपुर गांव की महिला अनुरुल निशा की किडनी नहीं निकाली गई थी। गुरुवार को कब्र से लाश निकाल कर हुए पोस्टमार्मट में यह हकीकत सामने आई। डीएम संजय कुमार खत्री के आदेश पर तीन डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। वह पाए कि अनुरुल की दोनों किडनी अपनी जगह पर थीं। मौके पर मौजूद अनुरुल के घरवालों को भी उसकी दोनों किडनी दिखाई गई। इसके साथ ही तीन दिनों से मीडिया में छाया रहे इस मामले का पटाक्षेप हो गया।


बीते 29 जून को जंगीपुर क्षेत्र के मिट्ठापारा के पास बाइक हादसे में अनुरुल निशा घायल हो गई थीं। उन्हें मऊ के निजी अस्पताल प्रकाश ट्रामा सेंटर में दाखिल कराया गया था। जहां चिकित्सकों ने उनका ऑपरेशन किया। 17 दिनों में कोई सुधार नहीं होने पर घरवाले अनुरुल को लेकर बीएचयू के लिए चले लेकिन रास्ते में उनका दम टूट गया। लाश घर लाई गई और दफनाने की प्रक्रिया के दौरान घरवालों की नजर अनुरुल के पेट में लगे चीरे के निशान पर पड़ी। जिसके बाद उन्होंने प्रकाश ट्रामा सेंटर पर किडनी निकालने का आरोप लगाया। इसके लिए वह एसपी, डीएम से मिले।


यह भी पढ़ें:

रामनाथ कोविंद बने राष्ट्रपति, मगर भाजपाईयों ने बधाई देने के दौरान की ऐसी गलती कि होना पड़ा शर्मसार



डीएम संजय कुमार खत्री ने उनकी आशंका की पुष्टि के लिए बुधवार को आदेश दिया कि अनुरुल की लाश कब्र से निकाल कर पोस्टमार्टम कराया जाए। इसके लिए तीन डॉक्टरों का पैनल भी बनाया जाए। उस सारी प्रक्रिया के दौरान एसडीएम सदर विनय कुमार मौजूद रहेंगे। साथ ही हर गतिविधि की वीडियोग्राफी कराई जाए। डीएम के आदेश के तहत सुबह कब्र से लाश निकाली गई। पोस्टमार्टम हुआ। फिर लाश कब्र में दफन कर दी गई। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों के पैनल में तनवीर अफरोज, एसपी अग्रवाल तथा रविशंकर थे। महिला की नाभी के पास चीरा लगा था। चीरा लगाने की वजह वहां से हड्डी निकाल कर उसे अंदर ही शिफ्ट किया गया था। ताकि महिला के सिर में लगी चोट के बावजूद रक्तप्रवाह समुचित तरीके से जारी रहे।






जिलाधिकारी ने भी इस बात की पुष्टि की कि महिला की किडनी से कोई छेड़छाड़ नही की गयी थी।जिलाधिकारी ने बताया कि महिला की एक्सीडेंट के बाद सर की हड्डी टूटकर बाहर आ गयी थी।इस हड्डी को सुरक्षित करने के लिए महिला के पेट मे चीरा लगाकर उसे उसके पेट मे रखा गया था ताकि उस हड्डी को दोबारा महिला के सर में जोड़ा जा सके। महिला के पति को बुलाकर पोस्टमार्टम के समय दोनों किडनी को दिखा दिया गया था जो कि सुरक्षित थीं।
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned