भाजपा और ओमप्रकाश राजभर की पार्टी के बीच और बढ़ी तकरार, अब सुभासपा ने रखी नौ मांगें

सीएम योगी ने हाल ही में अप्रत्यक्ष रूप से ओमप्रकाश राजभर को नसीहत भी दी थी, मगर राजभर की पार्टी अपने कदम पीछे खींचने को तैयार नहीं है ।

By: Akhilesh Tripathi

Updated: 15 Nov 2018, 10:20 PM IST

गाजीपुर. योगी सरकार का प्रमुख सहयोगी दल सुभासपा लिये लंबे समय से पार्टी के लिये मुसीबत बना हुआ है। अपने बयानों से सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर अक्सर बीजेपी को घेरते नजर आते हैं । हालांकि सीएम योगी ने हाल ही में अप्रत्यक्ष रूप से ओमप्रकाश राजभर को नसीहत भी दी थी, मगर राजभर की पार्टी अपने कदम पीछे खींचने को तैयार नहीं है ।


अब सुभासपा के कार्यकर्ताओं ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर पूरे प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर 9 सूत्री मांग पत्र जिला अधिकारी के माध्यम से प्रदेश सरकार को सौंपा है इनके इस मांग पत्र में अन्य पिछड़ा वर्ग सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट लागू करने, पिछड़ी जाति के 27 परसेंट आरक्षण में वर्गीकरण करने, एससी एसटी के आरक्षण में दलित और महादलित के नाम पर वर्गीकरण , बिहार और गुजरात की तरह यूपी में शराब बंदी, प्राथमिक विद्यालयों में सुधार, 19 अगस्त 2015 इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले नौकरशाहों एवं गरीबों के बच्चे एक साथ प्राथमिक विद्यालय से अनिवार्य शिक्षा ग्रहण करने, स्नातकोत्तर तक तकनीकी शिक्षा को अनिवार्य लागू करने और अंबेडकर पार्क में सुहेलदेव की मूर्ति के साथ अन्य महापुरुषों की मूर्ति भी लगाने की मांग की गई है।

 

गाजीपुर में यह मांग पत्र सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष और जखनिया से विधायक त्रिवेणी राम की अगुवाई में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को सौंपा है।

 

BY- ALOK TRIPATHI

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