फर्जी डॉक्टर के ऑपरेशन से गर्भवती महिला की मौत, जमकर हंगामा

पुलिस ने अस्पताल संचालक डॉक्टर यू के सिंह समेत अस्पताल के स्टॉफ को हिरासत में लिया है ।

By: Akhilesh Tripathi

Updated: 04 Apr 2019, 06:19 PM IST

गाजीपुर. यूपी में बेहतर स्वास्थ्य सेवा का दावा करने वाली योगी सरकार अब तक फर्जी अस्पतालों पर लगाम नहीं लगा पाई है, जिसकी वजह से आए दिन लोगों की जान जा रही है । ताजा मामला गाजीपुर के सदर कोतवाली इलाके का है, जहां फर्जी अस्पताल में सिजेरियन डिलेवरी के दौरान महिला की मौत हो गई। आरोप है कि फर्जी डॉक्टर से महिला का ऑपरेशन कराया जा रहा था । महिला की मौत के बाद परिजन हंगामा करने लगे। हंगामा की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस के साथ सरकारी डॉक्टरों की टीम अस्पताल पहुंची और मामले की जानकारी ली।


पुलिस ने अस्पताल संचालक डॉक्टर यू के सिंह समेत अस्पताल के स्टॉफ को हिरासत में ले लिया और पूछताछ में जुट गई। वहीं सरकारी डॉक्टरों टीम अस्पताल को खंगालने में लग गई। इस दौरान नोडल पंजीयन अधिकारी डॉक्टर प्रगति कुमार अस्पताल की जांच में जुट गए। जांच के दौरान डॉक्टर यू के सिंह का फर्जी प्रमाण पत्र मिला, अस्पताल के अधिकारियों का फर्जी मोहर मिला और कई लिफाफे मिले। जांच में जो लिफाफा मिला उसमे किसी न किसी का नाम लिखा हुआ था। ये लिफाफा इस अस्पताल में लाने वाले मरीजों को देने के लिए बाकायदा नाम से लिखा हुआ था। साथ ही कुछ ज्वेलरी का समान मिला, जो किसी मरीज का गिरवी रखा हुआ था।


बता दें कि सदर कोतवाली इलाके में यह दूसरी घटना है। इससे पहले 19 मार्च को कोतवाली इलाके के भूतहियाटांड़ इलाके में एम्बुलेंस चालक डॉक्टर बनकर एक महिला की सिजेरियन डिलेवरी किया था, जिसमें जच्चा बच्चा दोनों की मौत हो गई थी। परिजनों के हंगामा के बाद अस्पताल छोड़कर अस्पताल के डॉक्टर समेत पूरा स्टाफ भाग गया था, जो अभी भी फरार है।


मिली जानकारी के अनुसार इंटर पास डॉक्टर बन यूके सिंह कई दिनों से अस्पताल चला रहे हैं । जमानिया थाना इलाके के देवरिया ग्रामसभा के सैयद पाह की रहने वाली सीमा पटेल की उस अस्पताल में डिलेवरी होनी थी, उस गांव की आशा कार्यकत्री माधुरी पैसे की लालच में सीमा के परिजनों को बहला फुसला कर ममता अस्पताल लेकर आई। जहां डिलेवरी के दौरान सीमा की मौत हो गई। मृतक महिला का मायका कासिमाबाद थाना के बहादुर गंज में है । मृतक महिला की शादी जून 2018 में जमानिया थाना के देवरिया ग्रामसभा के पाहसैयद में श्रवण पटेल के साथ हुई थी।


पंजीयन नोडल अधिकारी डॉक्टर प्रगति कुमार ने बताया कि ये अस्पताल फर्जी है और यहां का डॉक्टर इंटर पास है। इसके पास कोई डिग्री नही है। जो पेपर मिले है वो भी फर्जी है। यहां पर दो मोहर मिले है। जो गैस्टेड अधिकारियों की है। कुछ लिफाफा मिले हैं, जिसपर देने वालों का नाम भी लिखा हुआ । इस लिफाफे को देख कर लगता है कि मरीजो को यहां लाने पर पैसा दिया जाता है। साथ कुछ ज्वेलरी मिली है इसको देख कर लगता है कि इलाज के दौरान पसे न दे पाने वाले लोगों के गहने को गिरवी रखा गया है। फिलहाल इस अस्पताल को सीज की कार्रवाई की जा रही है और रिपोर्ट बनाकर जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा।


वही मामले में एसपी सिटी प्रदीप दूबे ने बताया कि ममता अस्पताल का एक मामला आया हुआ है । उस अस्पताल के डॉक्टर समेत स्टॉफ को पकड़ लिया गया है। फर्जी अस्पताल का डॉक्टर इंटर पास है। सभी के विरुद्ध उचित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है ।

 

BY- ALOK TRIPATHI

Akhilesh Tripathi
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