भाजपा विधायक ने कहा, यूपी में दलित उत्पीडऩ के मामले बढ़े

गोंडा जिले में कानून व्यवस्था की स्थिति बहुत दयनीय है। इसके लिए गोंडा पुलिस पूरी तरह से जिम्मेदार है। दलित उत्पीडऩ के मामले जिले में तेजी से बड़ रहे हैं।

गोंडा. गोंडा जिले में कानून व्यवस्था की स्थिति बहुत दयनीय है। इसके लिए गोंडा पुलिस पूरी तरह से जिम्मेदार है। दलित उत्पीडऩ के मामले जिले में तेजी से बड़ रहे हैं। पुलिस अभियुक्तों पर कार्रवाई करने के बजाए उनसे सांठगाठ कर मामले को दबाने में जुटी है। यह दर्द किसी और का नहीं, बल्कि बलरामपुर सदर सीट से भाजपा विधायक पल्टू राम का है। स्थिति यहां तक पहुंच गई हे कि विधायक जी को प्रेस नोट जारी कर अपना दर्द बयां करना पड़ा। 
विधायक द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि ऐसे दर्जनों मामले मेरे संज्ञान में हैं जहां दलितों पर अत्याचार हुए। उसमें मुकदमे भी कायम नहीं हुए। तरबगंज में दलित परिवार की हत्या का दंश न झेलना पड़ता, यदि पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करती। विधायक पल्टू राम ने कहा कि पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रहती है और अपराधी पुलिस की जेब गरम करके दलितों का उत्पीडऩ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने मुझे और संासद कैसरगंज को दलित रमई के घर जाने का निर्देश दिया। उसी क्रम में मैं घर जाकर पीडि़त परिवार का दर्द सुनने के बाद उनकी विधवा पत्नी को मुख्यमंत्री के सामने पेश भी कराऊंगा, जिससे पीडि़त विधवा अपना दर्द स्वयं बयां कर सके। 


भाजपा विधायक ने कहा कि यदि इस प्रकरण में पुलिस पहले कार्रवाई करती तो शायद एक दलित की जान बचाई जा सकती थी। प्रकरण में जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच होनी चाहिए। उन्होंने यहां तक कह डाला कि अपराधी से सांठगांठ कर पुलिस बड़े अभियुक्तों की मदद कर रही है, जिसका परिणाम यह है कि घटना के एक सप्ताह बाद भी अभियुक्त की गिरफ्तारी नही हो सकी।


जनप्रतिनिधियों ने कानून व्यवस्था पर क्यों नही उठाया सवाल
बलरामपुर सदर सीट से भाजपा विधायक पल्टू राम ने गोंडा जिले की कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि दलित उत्पीडऩ की घटनाएं लगातार प्रदेश में बढ़ रही हैं। पुलिस अपराधियों से जेब गरम कर उन्हें खुले आम घूमने की इजाजत देती है, लेकिन जिले की सातों विधानसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है फिरभी जिले के किसी भी विधायक ने कानून व्यवस्था पर सवाल नही उठाया। यहां तक की बलरामपुर के विधायक ने जिस दलित के हत्या में पुलिस को दोषी ठहरा रहे हैं, वहां के विधायक प्रेम नरायण पांडेय ने फिर भी इस प्रकरण पर चुप्पी साध ली। 
सूत्र बताते हैं कि यह प्रकरण एक ट्रांसपोर्ट से जुड़ा होने के कारण इसमें सत्ताधारी दल के बड़े नेता भी शामिल हैं। कहां तो यह भी जा रहा है कि उन सफेदपोशों के कुछ कारिंदे भी इस घटना में लिप्त हैं और उन पर कार्रवाई होना सत्ता के कुछ दिग्गजों को नागवार गुजरा, जिससे अब वे पुलिस की किरकिरी करने में जुट गए हैं। 
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shatrughan gupta
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