जिला आपूर्ति विभाग को दिए गए सख्त निर्देश, खलल डालने वाले जाएगें जेल

Mahendra Pratap

Publish: Dec, 07 2017 12:29:36 (IST)

Lucknow, Uttar Pradesh, India
जिला आपूर्ति विभाग को दिए गए सख्त निर्देश, खलल डालने वाले जाएगें जेल

जिलाधिकारी जे. बी. सिंह ने जनपद की रिक्त सरकारी राशन की दुकानों का आवंटन न किए जाने पर गहरी नाराजगी जताई।

गोण्‍डा. जनपद में जिलाधिकारी जे. बी. सिंह ने जनपद की रिक्त सरकारी राशन की दुकानों का आवंटन न किए जाने पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए एक सप्ताह के भीतर जनपद की रिक्त सभी पचास दुकानों के आवंटन हेतु खुली बैठकें आयोजित कराने के निर्देश दिए हैं।

व्यवधान डालने वाले ग्राम प्रधानों खिलाफ कार्रवाई के दिेए निर्देश

कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने आपूर्ति विभाग सहित सभी उप-जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि एक सप्ताह के भीतर सभी रिक्त कोटे की दुकानों के आवंटन हेतु ग्राम पंचायतों में खुली बैठकें आयोजित कराकर आवंटन की आख्या उपलब्ध कराएं। इसके अलावा जिलाधिकारी ने सभी उप-जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खुली बैठक आयोजित कराने में व्यवधान डालने वाले ग्राम प्रधानों की सूची डीपीआरओ को उपलब्ध कराएं। उन्होंने डीपीआरओ को निर्देश दिए हैं ऐसे ग्राम प्रधानों के खिलाफ पंचायत अधिनियम के तहत कार्रवाई भी करें।

वीडियोग्राफी कराने के भी दिए निर्देश

बैठक में ज्ञात हुआ कि जनपद में रिक्त 61 दुकानों के सापेक्ष 11 दुकानों के प्रस्ताव प्राप्त हो गए हैं जबकि पचास दुकानें अभी भी आवंटन हेतु रिक्त हैं। जिलाधिकारी ने खुली बैठकों के आयोजन के दौरान पर्यवेक्षण हेतु पचास अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। बैठक में यह भी ज्ञात हुआ कि कुछ ग्राम पंचायतों में दुकान आवंटन हेतु खुली बैठक कराने में कुछ लोगों द्वारा अनावश्यक व्यधान डाला जा रहा है। डीएम ने डीएसओ को निर्देश दिए है कि वे विवादित गांवों की सूची पुलिस अधीक्षक को तत्काल उपलब्ध करा दें जिससे ऐसे लोगों को गिरफ्तार कर जेल भिजवाया जा सके। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि खुली बैठक आयोजन के दौरान अनिवार्य रूप से वीडियोग्राफी कराई जाए।

सौदेबाजी हो गई थी आम बात

दुकानों को पहले निलम्बित और फिर बहाली के नाम पर लाखों रूपए की सौदेबाजी आम बात हो गई थी और कभी कभी लाख शिकायत होने के बावजूद सौदे बाजी कर कोई कार्रवाई न करने के नाम पर भी वसूली आम बात होने से विभाग बदनाम हो गया था.

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