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गोंडा

डीएम भड़की खड़ाऊराज पर लगा दिया प्रतिबंध, जाने पूरा मामला

बसपा शासन काल में तत्कालीन डीएम ने यूपी के इस जिले में खड़ाऊ राज पर प्रतिबंध लगा दिया था। उसके बाद फिर खड़ाऊराज का बोलबाला हो गया। करीब 18 साल बाद एक बार फिर जिले में डीएम ने खड़ाऊ राज पर प्रतिबंध लगा दिया है। ऐसा करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।

गोंडाJul 03, 2024 / 09:24 am

Mahendra Tiwari

Dm gonda

डीएम नेहा शर्मा

जिले के क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायतो में खड़ाऊ राज्य का बोलबाला है। अधिकांश ब्लॉक प्रमुख और ग्राम प्रधान क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत की बैठक में स्वयं मौजूद न रहकर उनके प्रतिनिधि रहते हैं। यह प्रतिनिधि अधिकारियों पर भी रौब जमाते हैं। इससे नाराज डीएम ने खड़ाऊराज पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। डीएम ने कहा कि अब क्षेत्र पंचायत या फिर ग्राम पंचायत सहित किसी भी शासकीय बैठक में अगर प्रतिनिधि दिखे तो उनके ऊपर रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। जिससे जिले में एक बार फिर ऐसे प्रतिनिधियों की सांसे फूलने लगी हैं।
यूपी के गोंडा जिले में डीएम नेहा शर्मा के तेवर के बाद ब्लॉक प्रमुख और ग्राम प्रधान के तथाकथित प्रतिनिधियों के बीच हड़कंप मच गया है। जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने बताया कि वास्तविक जनप्रतिनिधि के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति द्वारा उनका प्रतिनिधित्व अथवा शासकीय कार्यों का संपादन अपराध की श्रेणी में आता है। अतः यह आदेशित किया गया है कि ग्राम तथा क्षेत्र पंचायत स्तरीय कार्यालय में वास्तविक जनप्रतिनिधि के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को संबंधित जनप्रतिनिधि के कार्यालय का उपयोग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसे सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी कार्यालयाध्यक्ष को सौंपी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि कोई इस तरह का कृत्य करने की चेष्टा भी करता है तो तत्काल इसकी सूचना संबंधित थाना प्रभारी को देने के साथ ही जिला स्तर के वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों को भेजनी होगी। ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधि की व्यवस्था सिर्फ सांसद एवं विधायकों के लिए मान्य है। सांसद एवं विधायकों की अनुपस्थिति में यह प्रतिनिधि शासकीय बैठकों में शामिल होते हैं। लेकिन, अब यह व्यवस्था ग्राम एवं क्षेत्र पंचायत स्तरीय कार्यालय में भी देखने को मिल रही है। जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने यह साफ कर दिया है कि यदि किसी कार्यालय में अनधिकृत व्यक्ति द्वारा शासकीय कार्यों में हस्तक्षेप अथवा कार्यालय के उपयोग की अनाधिकार चेष्टा की जाती है तो तत्काल इसकी सूचना थाना प्रभारी को दी जाए। ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।

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